‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी: भारत के डिफेंस सेक्टर और टेक्नोलॉजी पर दुनिया का भरोसा बढ़ा
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, वैश्विक साख और रक्षा तकनीकों में हुई हालिया प्रगति पर प्रकाश डाला।
वैश्विक स्तर पर मजबूत होती भारत की धाक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया का भारत के डिफेंस सेक्टर और आधुनिक टेक्नोलॉजी पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने अपने हालिया इंडोनेशिया दौरे का विशेष रूप से जिक्र करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और ‘अस्त्र’ (Astra) एयर-टू-एयर मिसाइल की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके साथ ही दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई है।
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन
26 जुलाई यानी ‘कारगिल विजय दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री ने 1999 के कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को नमन किया।
- शौर्य विजय यात्रा: वीर जवानों की शहादत और अदम्य साहस की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए 14 जुलाई को दिल्ली स्थित ‘नेशनल वार मेमोरियल’ से ‘शौर्य विजय यात्रा’ का शुभारंभ किया गया है, जो द्रास स्थित कारगिल वार मेमोरियल तक पहुँचेगी।
डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता के प्रतीक
प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता को रेखांकित करते हुए प्रमुख सफलताओं का उल्लेख किया:
- INS महेंद्रगिरि: भारतीय नौसेना में शामिल किया गया यह एडवांस्ड युद्धपोत पूरी तरह भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री (इंडीजीनस मटेरियल) का उपयोग किया गया है।
- पिनाका (Pinaka) LRGR-120: DRDO द्वारा विकसित यह गाइडेड रॉकेट सिस्टम 60 से 120 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगाने में पूरी तरह सक्षम है।
- कुशा मिसाइल (Kusha Missile): प्रधानमंत्री ने DRDO द्वारा कुशा मिसाइल के सफल फ्लाइट टेस्ट का भी विशेष उल्लेख किया और रक्षा वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना की।










