ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाया आतंकवाद का अंजाम, PoK के अलावा पाकिस्तान से अब कोई बात नहीं: राजनाथ सिंह
कारगिल / नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर कारगिल युद्ध स्मारक में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया है कि आतंकवाद के ज़रिए भारत को धमकाने की कोशिश करने वालों का क्या अंजाम होता है।
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत और उसकी सेनाएं पाकिस्तान की हर कायरतापूर्ण हरकत का जवाब ऐसे तरीके से देने में सक्षम हैं जो “उसकी कल्पना से भी परे” है।
“PoK भारत का अभिन्न अंग, उसी पर होगी बात”
कारगिल में पाकिस्तान की तीखी आलोचना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पड़ोसी देश ने आतंकवाद को “अपनी राज्य नीति” का हिस्सा बना लिया है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के अलावा किसी भी अन्य मुद्दे पर पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होगी। PoK भारत का एक अभिन्न अंग है, जिस पर पाकिस्तान ने गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर रखा है।
1999 की जीत और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख
1999 के कारगिल युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत को “भारत माता के मुकुट में जड़ा हीरा” बताते हुए राजनाथ सिंह ने मई 2025 में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष उल्लेख किया।
यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किया गया था। इसके तहत भारतीय सेना ने आतंकवाद के आकाओं और उनके समर्थकों को तगड़ा झटका दिया। रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ की गई किसी भी नापाक हरकत का यही अंजाम होगा।
भारत नवाचार में, तो पाकिस्तान घुसपैठ में व्यस्त
पाकिस्तान की मानसिकता पर प्रहार करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि जब भारत आधुनिक विमानों को डिजाइन करने में व्यस्त है, तब पाकिस्तान आतंकवादियों को तैयार करने में लगा हुआ है। जब हम नवाचार के नए रास्ते खोज रहे हैं, तब पाकिस्तान घुसपैठ के नए तरीके तलाशने में व्यस्त है।
कारगिल विजय दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन विजय’ की अभूतपूर्व सफलता की याद में मनाया जाता है। पाकिस्तानी घुसपैठ के बाद कारगिल की सामरिक चोटियों पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के लिए यह सैन्य अभियान चलाया गया था, जिसका 1999 में आज ही के दिन सफल समापन हुआ था।










