उफनती रावी के बीच पत्थरों पर फंसा युवक, स्थानीय युवाओं ने पेड़ के तने के सहारे बचाई जान
चंबा में दो दिनों से मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, प्रशासन की चेतावनी के बावजूद लोग ले रहे जोखिम
चंबा: समूचे चंबा मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही वर्षा से रावी नदी और अन्य सहायक खड्ड व नाले उफान पर हैं।
बुधवार सुबह रावी नदी के किनारे खड़ा एक युवक उस समय अचानक संकट में फंस गया, जब पीछे से नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। पानी के तेज बहाव को आता देख युवक ने फुर्ती दिखाते हुए नदी के बीच मौजूद एक बड़े पत्थर पर चढ़कर अपनी जान बचाई। हालांकि, चारों तरफ से तेज बहाव से घिरे होने के कारण युवक का बाहर निकलना असंभव हो गया था।
लकड़ी के तने से बनाया रास्ता, सुरक्षित निकाला
किनारे पर खड़े स्थानीय युवाओं की नजर जैसे ही फंसे हुए युवक पर पड़ी, उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाई। युवाओं ने बिना समय गंवाए पास ही पड़ी एक बड़ी लकड़ी की पेड़ी (पेड़ का तना) जुटाई और उसे बहाव के बीच फंसे युवक तक पहुँचाया। काफी देर की कड़ी मशक्कत और जद्दोजहद के बाद, उस लकड़ी के सहारे युवक को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन अलर्ट पर, पर लापरवाही पड़ी भारी > उल्लेखनीय है कि चंबा में इस तरह के हादसे पहले भी कई बार हो चुके हैं। मॉनसून के दौरान जिला प्रशासन द्वारा नदी-नालों से दूर रहने के लिए लगातार अलर्ट जारी किया जाता है। इसके बावजूद लोग चेतावनी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे इस तरह के जानलेवा हालात पैदा हो रहे हैं। प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता और पर्यटकों से अपील की है कि वे उफनती नदियों और संवेदनशील इलाकों की ओर न जाएं।










