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20 मई को नहीं मिलेंगी दवाइयां; ई-फार्मेसी के विरोध में केमिस्टों की देशव्यापी हड़ताल

ई-फार्मेसी के खिलाफ देशभर के 12.40 लाख केमिस्टों का हल्ला बोल, 20 मई को राष्ट्रव्यापी हड़ताल

– केंद्र सरकार की नीतियों और अवैध ई-फार्मेसी के विरोध में केमिस्ट एवं डिस्ट्रीब्यूटर्स ने खोला मोर्चा

– ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) का ऐलान: मांगे नहीं मानी तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल

​ देश भर के दवा विक्रेता आगामी 20 मई 2026 को केंद्र सरकार की नीतियों और अवैध रूप से चल रही ई-फार्मेसी के विरोध में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD), जो देश भर में 12.40 लाख से अधिक केमिस्ट और वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है, ने इस विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि इस हड़ताल से सीधे तौर पर केमिस्टों पर निर्भर लगभग 4 से 5 करोड़ लोग प्रभावित होंगे।

सरकार की चुप्पी पर नाराजगी

​संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे और महासचिव राजीव सिंगल ने संयुक्त बयान में कहा कि पिछले 8 वर्षों से लगातार संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा एक स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क अधिसूचित न किए जाने के बावजूद, देश में अवैध ई-फार्मेसी बिना किसी रोक-टोक के फल-फूल रही हैं। यह न केवल कानून के शासन को कमजोर कर रहा है, बल्कि माननीय न्यायालयों के समक्ष दिए गए हलफनामों की भी अनदेखी है।

ई-फार्मेसी को बताया समाज के लिए खतरा

​केमिस्ट एसोसिएशन ने ई-फार्मेसी के दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और सुविधा के नाम पर नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। हड़ताल के प्रमुख कारण और चिंताएं इस प्रकार हैं:

  • सेल्फ मेडिकेशन का बढ़ता खतरा: बुखार जैसे सामान्य लक्षणों के पीछे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ई-फार्मेसी से सीधे दवा मंगवाने पर मरीज डॉक्टर की सलाह और फार्मासिस्ट की निगरानी से वंचित रह जाता है, जिससे बीमारी जानलेवा स्तर तक पहुँच सकती है।
  • प्रिस्क्रिप्शन का दुरुपयोग: डर है कि नए नियमों से ई-फार्मेसी पर प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं की बिक्री आसान हो जाएगी। एक ही पर्चे से बार-बार दवा खरीदना और बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन के दवाएं मिलने से नशीली दवाओं के दुरुपयोग का खतरा बढ़ेगा।
  • ड्रग रेजिस्टेंस और एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल: बिना विशेषज्ञ की सलाह के एंटीबायोटिक्स के इस्तेमाल से देश में ‘ड्रग रेजिस्टेंस’ की समस्या बढ़ सकती है, जैसा कि MDR ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के मामलों में देखा जा रहा है।
  • नकली दवाओं का डर: ई-फार्मेसी के माध्यम से मिलावटी, नकली या गलत ब्रांड की दवाओं की आपूर्ति की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि इसमें डॉक्टर और मरीज के बीच कोई प्रत्यक्ष पहचान तंत्र नहीं है।

अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी

​राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि 20 मई की हड़ताल केवल एक शुरुआत है। उन्होंने कहा, “हमारे पास विरोध दर्ज कराने का अब यही एक रास्ता बचा है। अगर सरकार ने तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए और अवैध ई-फार्मेसी पर लगाम नहीं लगाई, तो संगठन देशव्यापी अनिश्चितकालीन बंद के लिए मजबूर होगा।”

Ami News
Author: Ami News

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