इंदौर: स्वच्छता के सिरमौर में दूषित पानी का कहर; 8 की मौत का दावा, प्रशासन ने मानीं 3 मौतें

इंदौर | देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों का दावा है कि पिछले एक सप्ताह में उल्टियां और दस्त के कारण 6 महिलाओं समेत कुल 8 लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, जिला प्रशासन ने अब तक केवल 3 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की है।
मुख्य बिंदु:
- मृतकों की पहचान: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मृतकों में नंदलाल पाल (70), उर्मिला यादव (60) और तारा कोरी (65) शामिल हैं।
- मुख्यमंत्री की घोषणा: सीएम मोहन यादव ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और घायलों के मुफ्त इलाज का ऐलान किया है।
- अधिकारियों पर गाज: लापरवाही बरतने के आरोप में नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और सहायक इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक सब-इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

जांच में बड़ा खुलासा: शौचालय के पास लीकेज
नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में भागीरथपुरा स्थित एक शौचालय के ऊपर से गुजर रही मुख्य पेयजल पाइपलाइन में लीकेज पाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि इसी लीकेज के कारण सीवेज का पानी पीने के पानी में मिल गया, जिससे संक्रमण फैला। मामले की विस्तृत जांच के लिए एक IAS अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
विपक्ष का हमला: ‘आंकड़े छुपा रहा प्रशासन’
मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “स्वच्छता का गौरव रखने वाले शहर में यह घटना शर्मनाक है। प्रशासन अपनी लापरवाही छिपाने के लिए मौतों का असली आंकड़ा छुपा रहा है। कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है।”

नोट: फिलहाल क्षेत्र में चिकित्सा शिविर लगा दिए गए हैं और प्रभावित पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।








