पठानकोट में सैनी भवन गिराए जाने पर गरमाई राजनीति: सैनी समाज में रोष, जगदीश राज सैनी ने दी सफाई
पठानकोट:नगर निगम द्वारा पठानकोट में बिना नक्शे के बने सैनी भवन को तोड़े जाने के मामले को लेकर सैनी समाज के विभिन्न गुटों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। इस पूरी घटना के बाद से समाज के भीतर चर्चाओं का दौर गर्म है। इस मामले पर दीनानगर सैनी समाज के प्रधान और पठानकोट सैनी समाज के सदस्य जगदीश राज सैनी ने विशेष बातचीत के दौरान स्थिति स्पष्ट की है।
हाईकोर्ट के आदेशों के तहत हुई कार्रवाई
जगदीश राज सैनी ने बताया कि सैनीगढ़ स्थित सैनी भवन को गिराने की यह प्रक्रिया माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के आदेशों के पालन में की गई है। निगम के कर्मचारी और जेसीबी मशीन मौके पर पहुंची और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा भी हुआ और बिरादरी के कुछ लोग विरोध जताते हुए जेसीबी के आगे लेट गए थे।
बिरादरी के सहयोग से तैयार हुआ था भवन
प्रधान जगदीश राज सैनी ने कहा कि इस भवन के निर्माण में सैनी समाज के प्रत्येक व्यक्ति ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक और अन्य रूप से पूरा योगदान दिया है, जिससे सभी की भावनाएं इस भवन के साथ जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि इस जगह को खरीदने के लिए टेक चंद के पिता ने रिश्तेदारी से कर्ज लेकर पैसे दिए थे, जिसके बाद टेक चंद ने भी व्यक्तिगत रूप से काफी खर्च किया था। उन्होंने इसे एक दुखद घटना बताया, जिससे पूरी बिरादरी आहत महसूस कर रही है।
राजनीतिक संलिप्तता को नकारा
भवन तोड़े जाने की इस कार्रवाई में किसी भी राजनीतिक दल या नेता के हाथ होने की बात को सैनी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी कार्रवाई में किसी भी राजनीतिक नेता का एक पैसे का भी रोल नहीं है। जो कुछ भी हुआ है, वह पूरी तरह से हाईकोर्ट के आदेशों के निर्देशों के तहत ही हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन नेताओं पर इस मामले में अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं और गालियां निकाली जा रही हैं, उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। सतपाल सैनी और अश्विनी शर्मा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने समय-समय पर समाज को पूरा सहयोग दिया है, ऐसे में बिना तथ्यों के किसी को निशाना बनाना गलत है।
आपसी सहमति से समाधान की अपील
अंत में जगदीश राज सैनी ने समाज के लोगों से अपील की है कि बिना ठोस सबूत के किसी पर भी बेबुनियाद आरोप लगाने या गलत भाषा का प्रयोग करने से बचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिरादरी के सभी प्रमुख लोग और चुनी हुई बॉडी मिलकर इस समस्या का शांतिपूर्ण और सकारात्मक समाधान निकाल सकती है।











