वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

माधोपुर इंटरस्टेट नाका: क्या वाकई वैध है जम्मू-कश्मीर जाने वाले गोवंश की जांच? जानिए क्या कहते हैं नियम

माधोपुर इंटरस्टेट नाका: क्या वाकई वैध है जम्मू-कश्मीर जाने वाले गोवंश की जांच? जानिए क्या कहते हैं नियम

​

​माधोपुर:पंजाब से जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाले गोवंश को लेकर अक्सर रास्ते में खुद को ‘गोरक्षक’ बताने वाले लोगों द्वारा वाहनों को रोककर जांच किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं. इसी१ गंभीर मुद्दे की जमीनी हकीकत जानने के लिए हमारी टीम ने माधोपुर इंटरस्टेट नाके पर पहुंचकर एक निजी खोखे पर पड़ताल की.

​क्या कहते हैं आंकड़े और नियम?

  • ​पशु मंडी का टेंडर: मिली जानकारी के अनुसार, इस पशु मंडी के टेंडर की राशि करोड़ों में (लगभग ₹1 करोड़ 33 लाख से लेकर ₹1.23 करोड़ से अधिक) बताई जा रही है.

  • ​दस्तावेजों की अनिवार्यता: सरकारी नियमों के मुताबिक, केवल दस्तावेज पूरे होने और दूध देने वाली स्वस्थ गायों को ही जम्मू-कश्मीर भेजने की कानूनी प्रक्रिया होती है.

  • ​निगरानी प्रक्रिया: कागजातों के साथ-साथ पूरी जांच प्रक्रिया और उसकी कड़ी निगरानी का प्रावधान है ताकि किसी भी तरह की अवैध तस्करी रोकी जा सके.

​नाका प्रभारी ‘प्रिंस’ से खास बातचीत के मुख्य बिंदु

​हमारी टीम ने माधोपुर नाके पर भारी प्रभार संभाल रहे प्रिंस से इस पूरी व्यवस्था को लेकर विस्तृत बातचीत की:

  • ​नाके की वैधता: बातचीत के दौरान स्पष्ट किया गया कि यह नाका पूरी तरह से वैध (Legal) है. यह पंजाब सरकार के पंचायत समिति और पंजाब पंचायत मंडी बोर्ड के अंतर्गत टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से संचालित होता है.

  • ​चेकिंग प्रक्रिया: नाके पर चंडीगढ़ या अन्य मंडियों से आने वाले पशुओं (दूध वाली गायें, भैंस, बकरा आदि) के टेंडर पर्ची और दस्तावेजों की कड़ी जांच की जाती है.

  • ​संदिग्ध वाहनों पर कार्रवाई: यदि कोई व्यक्ति बिना पर्ची या अवैध रूप से मवेशी ले जाता पाया जाता है, तो उसकी तुरंत चेकिंग कर स्थानीय पुलिस (एसएचओ) को सूचित किया जाता है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाती है.

  • ​जम्मू-कश्मीर के नियम: जम्मू-कश्मीर प्रशासन के नियमानुसार वहां जाने वाले पशुओं का बकायदा डॉक्टर द्वारा मेडिकल परीक्षण और लोन संबंधी दस्तावेजों की पूरी प्रक्रिया के बाद ही आगे जाने की अनुमति मिलती है.

​निष्कर्ष:

माधोपुर इंटरस्टेट नाके पर गोवंश ले जाने की प्रक्रिया पूरी तरह से प्रशासनिक और टेंडर के नियमों के दायरे में की जाती है, जिसमें दस्तावेजों की जांच और पुलिस समन्वय मुख्य रूप से शामिल हैं.

 

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!