फटा जूता, अटूट हौसला: चंबा की बेटी सीमा ने कठिनाइयों को मात देकर जीता कांस्य पदक
- विशेष संवाददाता / जितेन्द्र मेहरा
- चंबा (हिमाचल प्रदेश)
चंबा: हिमाचल प्रदेश की होनहार बेटी सीमा ने अपने अदम्य साहस और जुझारूपन से एक बार फिर देवभूमि का नाम रोशन किया है। 10 हजार मीटर की फाइनल दौड़ के दौरान आखिरी राउंड में जूता फटने जैसी बड़ी बाधा के बावजूद सीमा ने हार नहीं मानी और तीसरे स्थान पर रहते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। सीमा की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे चंबा जिले और प्रदेशभर में जश्न का माहौल है।
मुश्किल घड़ी में भी नहीं डगमगाया हौसला
10 हजार मीटर की इस रोमांचक फाइनल दौड़ में सीमा शुरुआत से ही टॉप-थ्री में अपनी जगह बनाए हुए थीं। मुकाबला जब अपने निर्णायक और आखिरी दौर में पहुंचा, तो पदक सबसे करीब था, तभी अचानक सीमा का जूता फट गया। जूता फटने के कारण उनकी दौड़ की रफ्तार और लय दोनों प्रभावित हुईं।
बावजूद इसके, सीमा ने मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया और अपना हौसला टूटने नहीं दिया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी और फिनिश लाइन पार करते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि फटे जूते के साथ दौड़ पूरी कर पोडियम तक पहुँचना सीमा के खेल के प्रति अगाध समर्पण और उनकी जिजीविषा की सबसे बड़ी मिसाल है।
डेढ़ करोड़ रुपये के इनाम की उम्मीद, पुराने पुरस्कारों का इंतजार
इस शानदार उपलब्धि के बाद अब हिमाचल सरकार की खेल नीति के तहत सीमा को डेढ़ करोड़ रुपये का नकद इनाम मिलने की उम्मीद है। हालांकि, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सरकार द्वारा पहले के मुकाबलों के लिए घोषित पुरस्कार राशि अभी लंबित है, जिसका भुगतान जल्द होना चाहिए।
अभी थमी नहीं है रफ्तार, 28 सितंबर को फिर उतरेगी ट्रैक पर
सीमा का सफर यहीं समाप्त नहीं हुआ है। वह एक बार फिर मैदान पर अपनी चुनौती पेश करने के लिए तैयार हैं। आगामी 28 सितंबर को शाम 5 बजकर 13 मिनट पर सीमा 5 हजार मीटर की दौड़ की प्रतियोगिता में ट्रैक पर उतरेंगी।
जूता भले ही फट गया हो और रफ्तार थोड़ी थमी हो, लेकिन सीमा का हौसला और जीतने का जज्बा पूरी तरह बुलंद है। पूरा प्रदेश उनकी आगामी दौड़ में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है।












