AMI News: नूरपुर के कांता कॉलेज ऑफ एजुकेशन चलवाड़ा में नए शैक्षणिक सत्र का भव्य शुभारंभ, कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने की शिरकत
नूरपुर / चलवाड़ा: ऋषि महाजन , स्थानीय कांता कॉलेज ऑफ एजुकेशन, चलवाड़ा में नए शैक्षणिक सत्र का हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कॉलेज परिसर में पहुंचने पर प्रबंधन समिति और विद्यार्थियों ने उनका भव्य स्वागत किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत आरंभ हुआ, जिसके पश्चात विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
सत्र का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि प्रोफेसर चंद्र कुमार ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में शिक्षा के वास्तविक अर्थ और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल आजीविका चलाना या पेशा निभाना नहीं है, बल्कि यह आने वाली एक बेहतर पीढ़ी को आकार देने की सबसे बड़ी और पवित्र जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के दौर में अच्छे और योग्य युवाओं को अध्यापन के क्षेत्र में आगे आना चाहिए, ताकि आने वाले नौनिहालों को उत्कृष्ट शिक्षा के साथ-साथ उच्च संस्कार और सही जीवन मार्ग मिल सके।
मंत्री महोदय ने प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं और नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं रोजगारपरक बनाने के लिए निरंतर कई ऐतिहासिक कदम उठा रही है। सरकारी और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, योग्य शिक्षकों की पारदर्शी तरीके से भर्तियां की जा रही हैं और शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह से आधुनिकता तथा रोजगार से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए आह्वान किया कि छात्र अपने जीवन में केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों, अच्छे संस्कारों और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उन्होंने चेताया कि समाज और परिवार को मजबूत बनाने के लिए शिक्षित युवा शक्ति का अनुशासित होना अत्यंत आवश्यक है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गई शानदार कला और प्रस्तुतियों से अभिभूत होकर कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने अपनी ओर से विद्यार्थियों के प्रोत्साहन हेतु ₹15,000 नकद पुरस्कार देने की बड़ी घोषणा की, जिससे पूरे सभागार में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी और तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंज उठा।











