चंडीगढ़ में लॉन्च हुई ‘भारत टैक्सी’: ओला-उबर को टक्कर देने आ रहा नया कॉपरेटिव कैब मॉडल, ड्राइवरों से नहीं लिया जाएगा कोई कमीशन

चंडीगढ़: ट्राईसिटी के लोगों के लिए कैब सफर अब और भी आसान और किफायती होने जा रहा है। चंडीगढ़ में कैब सेवाओं के क्षेत्र में एक नया और क्रांतिकारी विकल्प आ गया है। शहर में सहकारिता मॉडल पर आधारित ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) सर्विस की शुरुआत हो चुकी है। इस नई कैब सेवा के आने से न सिर्फ यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, बल्कि ड्राइवरों को भी बड़ा वित्तीय फायदा मिलने वाला है।
[मुख्य विशेषताएं: यात्रियों और ड्राइवरों के लिए क्या है खास?]
- ड्राइवरों से शून्य कमीशन: भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों (जिन्हें ‘सारथी’ कहा जाएगा) से राइड पर कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। यानी कमाई का पूरा पैसा सीधे ड्राइवर के पास जाएगा।
- ड्राइवरों को मिलेगी हिस्सेदारी: इस प्लेटफॉर्म में ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि मालिक भी बन सकते हैं। इसके लिए वे मामूली ₹500 का निवेश कर 5 शेयर खरीद सकते हैं।
- जीरो सर्ज प्राइसिंग (Zero Surge): यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि व्यस्त समय (Peak Hours) में डिमांड बढ़ने पर भी किराया अचानक नहीं बढ़ेगा। इसमें फिक्स किराए की व्यवस्था रखी गई है।
- एक ही ऐप पर सब कुछ: इस ऐप के जरिए यूजर सिर्फ चार पहिया कैब ही नहीं, बल्कि ऑटो और बाइक टैक्सी भी आसानी से बुक कर सकेंगे।
- सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐप में वेरिफाइड ड्राइवर, जीपीएस लाइव ट्रैकिंग, SOS इमरजेंसी फीचर और 24/7 कस्टमर सपोर्ट जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
[बाजार में क्यों खास है यह समय?]
चंडीगढ़ में ‘भारत टैक्सी’ की यह एंट्री ऐसे समय पर हुई है, जब स्थानीय प्रशासन का पहले से चल रही अन्य कैब कंपनियों (जैसे ओला, उबर और इनड्राइव) पर सख्त रुख देखने को मिला है। प्रशासन द्वारा कुछ समय पहले इन कंपनियों के लाइसेंस पर कार्रवाई के बाद, यात्रियों को एक भरोसेमंद और वैकल्पिक सेवा की तलाश थी। ऐसे में ‘भारत टैक्सी’ का यह कॉपरेटिव मॉडल बाजार में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
[निष्कर्ष]
फिलहाल, इस नई सेवा के शुरू होने से यात्रियों और ड्राइवरों दोनों में उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में इसकी ऑन-ग्राउंड उपलब्धता, फिक्स किराए का असल असर और यात्रियों का फीडबैक ही तय करेगा कि चंडीगढ़ की सड़कों पर यह नया मॉडल कितना कामयाब साबित होता है।










