वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

AMI News: नूरपुर और इंदौरा क्षेत्र में मानसून के दौरान अवैध खनन पर उठे बड़े सवाल, प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में

AMI News: नूरपुर और इंदौरा क्षेत्र में मानसून के दौरान अवैध खनन पर उठे बड़े सवाल, प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में

​नूरपुर:

क्या ब्राह्मणा दा नाल और बिल्ला दा नाल में मानसून में अवैध खनन बैन का कोई कानून लागू ही नहीं होता? एसपी इल्मा अफरोज की यह चुप्पी क्या बयां कर रही है? ऐसा लगता है मानो खनन माफिया को सरकार से कोई स्पेशल लाइसेंस मिला हो।

​जीपीएस कैमरे से रिकॉर्ड किए गए सबूत

​यह तस्वीरें गौर से देखिए। बहता पानी, उसके बीच चलती जेसीबी मशीन, रिवर बेड मटेरियल निकाला जा रहा है और सामने लगे ये बड़े-बड़े रेत ढेर। यह कोई पुरानी या सोशल मीडिया से उठाई गई तस्वीर नहीं है, यह AMI News की जीपीएस कैमरा से रिकॉर्ड की गई तस्वीरें हैं, जिनमें जगह, तारीख, समय और कोऑर्डिनेट्स तक दर्ज हैं।

​हमारी जानकारी के मुताबिक, इन जगहों पर दिन-रात धड़ल्ले से माइनिंग जारी है। तो सवाल सीधा है, जब हमारे कैमरे में यह सब कैद हो सकता है, तो प्रशासन को दिखाई क्यों नहीं देता?

​1 अगस्त से लगातार सामने आ रही हैं तस्वीरें

​AMI News 1 अगस्त से लगातार नूरपुर और इंदौरा क्षेत्र में कथित अवैध खनन की तस्वीरें आपके सामने ला रहा है। हम केवल आरोप नहीं लगा रहे, हम मौके पर जा रहे हैं। हम जीपीएस कैमरा के साथ लोकेशन रिकॉर्ड कर रहे हैं, और जो कैमरे में दिखाई दे रहा है, वही आपको दिखाई दे रहा है। आज एक बार फिर देखिए ये तस्वीरें और फैसला खुद कीजिए।

​शुक्रवार को करीब शाम 6:00 बजे और शनिवार और रविवार आधी रात 12:00 बजे के करीब धड़ल्ले से माइनिंग जारी है। यह देख सकते हैं इन विजुअल्स में। यह तस्वीरें नूरपुर तहसील की खन्नी पंचायत के बिल्ला दा नाल और ब्राह्मणा दा नाल क्षेत्र की हैं। जमीन पर गहरे गड्ढे, भारी मशीनें, जेसीबी, ट्रक और टिप्पर, और यह कोई एक दिन की तस्वीर नहीं, 1 अगस्त से लगातार इन इलाकों में यही स्थिति कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है।

​प्रशासन की चुप्पी और व्यवस्था पर गंभीर सवाल

​सवाल यह है, अगर यहां सब कुछ नियमों के मुताबिक हो रहा है, तो प्रशासन स्पष्ट करे कि किस अनुमति के तहत हो रहा है? और अगर अनुमति नहीं है, तो इतने बड़े स्तर पर यह गतिविधि आखिर रुक क्यों नहीं रही है?

​और यही सबसे बड़ा सवाल नूरपुर पुलिस जिले के व्यवस्था पर खड़ा होता है। जब एसपी इल्मा अफरोज ने नूरपुर में कारोबार संभाला था, तो लोगों को उम्मीद थी कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्ती देखने को मिलेगी। लेकिन आज AMI News को सार्वजनिक हित में यह सवाल पूछना पड़ रहा है- मैडम एसपी, अगर हमारी जीपीएस-टैग फुटेज सही है, तो इतने बड़े पैमाने पर चल रही इस गतिविधि को रोक कौन नहीं रहा है?

​पर्यावरण और बुनियादी ढांचे के लिए बड़ा खतरा

​यह मामला इसलिए भी गंभीर हो जाता है, क्योंकि यह सब उस समय सामने आ रहा है जब मानसून का दौर चल रहा है। ऐसे संवेदनशील नदी-नालों और जलधाराओं में खनन का सवाल सिर्फ सरकारी राजस्व का नहीं, यह पर्यावरण का सवाल है। यह नदी के प्राकृतिक बहाव का सवाल है। यह आसपास के बुनियादी ढांचे और लोगों की सुरक्षा का सवाल है।

​इस इलाके को लेकर चिंता इसलिए भी और बढ़ जाती है क्योंकि यहां खनन और नदी के बहाव से जुड़े खतरे पहले भी सामने आ चुके हैं। 20 अगस्त 2022 को चक्की खड्ड का ब्रिज नंबर 32 बहने के बाद से यह रेलवे मार्ग और इससे जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित हुआ था। उस समय अवैध खनन पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भी जवाब मांगा था। ऐसे में सवाल बहुत सीधा है- क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है?

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!