राष्ट्रीय लोक अदालत: पठानकोट में 11,884 मामले पेश, 11,377 मामलों का हुआ आपसी सहमति से निपटारा
पठानकोट, : पंजाब कानूनी सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत ज़िला कानूनी सेवा प्राधिकरण पठानकोट के चेयरमैन कम ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश गर्ग की अगुवाई में कोर्ट कॉम्प्लेक्स पठानकोट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश ने जानकारी देते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 8 बेंच लगाए गए थे।
इन बेंचों में एकता उप्पल (अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश), जसबीर कौर (प्रधान, फैमिली कोर्ट जज), बबीता (जज जूनियर डिविजन), नाज़मीन सिंह (जज जूनियर डिविजन), रवनीत कौर बेदी (जज जूनियर डिविजन), अरविंद सिंह (जज जूनियर डिविजन), सतनाम सिंह (जज जूनियर डिविजन), और राकेश शर्मा (चेयरमैन, परमानेंट लोक अदालत) शामिल रहे।
इस लोक अदालत में कुल 11,884 मामले पेश किए गए, जिनमें से 11,377 मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान कुल 8,30,40,505 रुपए के अवार्ड पास किए गए।
इस मौके पर एकता उप्पल, अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश, पठानकोट द्वारा ‘जग्सन कंस्ट्रक्शन लिमिटेड बनाम मुख्य इंजीनियर पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर)’ और अन्य के मामले का सफलतापूर्वक निपटारा करवाया गया। यह मामला एग्जीक्यूशन अर्जी से संबंधित था, जिसमें आर्बिट्रेशन की कार्रवाई 28 मई 2012 को शुरू हुई और 25 नवंबर 2014 को अवार्ड पास हुआ था। अवार्ड की एग्जीक्यूशन के लिए 3 जुलाई 2018 को कार्रवाई शुरू की गई थी। 1,16,44,320 रुपए की राशि से जुड़े इस पुराने सिविल मामले के लिए विशेष एक्शन प्लान तैयार किया गया था, जिसके बाद सफल समझौते के बाद एग्जीक्यूशन वापस ले ली गई।
इस अवसर पर ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश गर्ग ने कहा कि लोक अदालत में किसी भी पक्ष की हार नहीं होती, बल्कि दोनों पक्ष केस जीतकर जाते हैं और कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में हुआ फैसला अंतिम होता है और इस फैसले के खिलाफ किसी भी अदालत में अपील नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपने मामले लोक अदालत में रखकर अपने आपसी झगड़ों का निपटारा करवाएं।












