भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी: सुक्खू; विपक्ष के आरोपों और स्वास्थ्य सेवाओं पर विधानसभा में गरमाई सियासत
शिमला:हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को नियम 130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोक देखने को मिली। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि तमाम विरोधों के बावजूद सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेगी और एक-एक परत खोली जाएगी।
”विपक्ष धमकाना बंद करे, डरने वाले नहीं”
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनके राजनीतिक सफर में कई लोगों ने मुश्किलें पैदा करने की कोशिश की, लेकिन भगवान और जनता के आशीर्वाद से वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने विपक्ष के तेवरों पर पलटवार करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में वह डरने वाले नहीं हैं, इसलिए विपक्ष उन्हें धमकाना बंद करे। उन्होंने दोहराया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ प्रदेशहित में काम कर रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र और नई योजनाओं के बड़े ऐलान
सदन में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी कल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र के सुधारों की रूपरेखा रखी:
- मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना: सरकार की यह योजना आगामी 2 अक्टूबर से शुरू की जाएगी। इसके तहत लगभग 2 लाख परिवारों को 1,500 रुपये की मासिक आर्थिक सहायता के साथ-साथ 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा।
- रिक्तियों को भरना: स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दिसंबर से मार्च तक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ नर्सों के रिक्त पदों को भर दिया जाएगा। इसके अलावा, लोक सेवा आयोग के माध्यम से 300 नए डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी।
- हिमकेयर योजना और जांच: मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमकेयर योजना की जांच विपक्ष की मांग पर ही शुरू करवाई गई थी, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आई हैं। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रदेश में एक अत्याधुनिक ऑटोमेशन लैब स्थापित की जाएगी, जैसी सुविधा पीजीआई में भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने रोबोटिक सर्जरी की मशीनें बाजार मूल्य से एक करोड़ रुपये सस्ती खरीदी हैं।
विपक्ष का हमला: स्वास्थ्य व्यवस्था और खरीद पर श्वेत पत्र की मांग
इससे पहले, चर्चा की शुरुआत करते हुए विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में निर्माणाधीन भवनों, आधुनिक उपकरणों की कमी, दवाओं की उपलब्धता और रिक्त पड़े पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर बनाने के दावे कर रही थी, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे चल रही है और लोगों को अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
श्री परमार ने मेडिकल कॉलेजों में खरीद प्रक्रिया में कथित धांधली का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य विभाग की खरीद को लेकर एक ‘श्वेत पत्र’ जारी करने की मांग की। उन्होंने टांडा मेडिकल कॉलेज में स्टेंट खरीद में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग उठाई। इस चर्चा में कांग्रेस विधायक नीरज नैय्यर, डॉ. जनक राज, पवन कुमार काजल और राम कुमार ने भी अपने विचार रखे।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का पलटवार
चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सत्ता पक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना की अभी जांच चल रही है, ऐसे में जांच पूरी होने से पहले ही निष्कर्ष पर पहुंचकर ‘घोटाला’ करार देना पूरी तरह अनुचित है।
जयराम ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी दबाव में आकर गलत तरीके से कुछ प्रस्तुत करने का प्रयास करेगा, तो उस जांच की भी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष रहकर सही तथ्य सामने रखने को कहा। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कार्यकाल के आगामी समय को देखते हुए अब धरातل पर काम दिखने चाहिए, क्योंकि जनता बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान हो रही है।











