रसोई का बजट बिगाड़ रही प्याज, 35 से सीधे 60 रुपये किलो तक पहुंचे दाम
रसोई का स्वाद बढ़ाने वाली प्याज अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने लगी है। पिछले कुछ दिनों में अचानक हुई कीमतों में बढ़ोतरी ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। कुछ समय पहले तक जो प्याज 35 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब उछलकर 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। हालात यह हैं कि अब प्याज खरीदते समय लोगों की आंखों से आंसू निकल रहे हैं।
व्यापारियों का दर्द और मंदी का असर
- बिक्री में भारी गिरावट: मंडी के व्यापारियों का कहना है कि दाम दोगुने होने के कारण बाजार में प्याज की बिक्री ना के बराबर रह गई है।
- घटे ग्राहकों के हाथ: जो ग्राहक पहले एक बार में 5 से 10 किलो प्याज खरीदते थे, वे अब भाव पूछकर ही लौट रहे हैं। त्यौहारी सीजन के बावजूद मंडियों में खरीदारों की भारी कमी है।
- बरसात और रखरखाव की समस्या: व्यापारियों के अनुसार, इस मौसम में प्याज जल्दी खराब (सड़) जाते हैं। यही वजह है कि वे थोक बाजार से अब सीमित मात्रा में ही प्याज ला रहे हैं ताकि नुकसान से बचा जा सके।
क्या कहते हैं आंकड़े और व्यापारी?
“पहले प्याज 30 रुपये प्रति किलो बिकता था, जो अब बढ़कर 60 से 65 रुपये तक पहुंच गया है। बाजार में प्याज सिर्फ सजा हुआ है, लोग भाव पूछकर चले जाते हैं और खरीददारी बेहद कम हो गई है।”
— विश्व, मंडी व्यापारी
- थोक भाव: व्यापारियों के मुताबिक थोक में ही प्याज 52 रुपये प्रति किलो तक मिल रहा है, जिससे खुदरा बाजार में कीमतें और बढ़ जाती हैं।
- आगे का अनुमान: व्यापारियों का साफ कहना है कि आने वाले दिनों में प्याज के दाम कम होने की उम्मीद न के बराबर है, बल्कि इनमें और तेजी आ सकती है।
निष्कर्ष
खाद्य पदार्थों के लगातार बढ़ते दामों के बीच प्याज की यह महंगाई आम जनता के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। त्योहारी सीजन में मंडियों की सूनी रौनक और व्यापारियों का बढ़ता नुकसान इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।











