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रूस की कड़ी चेतावनी: स्वीडन में संभावित परमाणु हथियारों की तैनाती और फ्रांस की नई नीति पर रखेगा पैनी नजर

रूस की कड़ी चेतावनी: स्वीडन में संभावित परमाणु हथियारों की तैनाती और फ्रांस की नई नीति पर रखेगा पैनी नजर

  • ​स्वीडिश समाज में गरमाया परमाणु हथियारों का मुद्दा; क्या यूरोप को अब भी अमेरिका पर भरोसा करना चाहिए?
  • ​फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन की घोषणा के बाद यूरोपीय सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत।

रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी सैन्य और राजनीतिक योजना में स्वीडन में परमाणु हथियारों की संभावित तैनाती और फ्रांस के परमाणु हथियार सिद्धांत में स्वीडन की भागीदारी को विशेष रूप से शामिल करेगा। स्वीडन में रूसी राजदूत सर्गेई बेल्यायेव ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बात की पुष्टि की है।

रूसी राजदूत सर्गेई बेल्यायेव ने स्पुतनिक से बातचीत करते हुए कहा, “कुदरती तौर पर रूस को अपनी सैन्य और राजनीतिक योजना में इन हालातों को ध्यान में रखना होगा।”

​राजदूत बेल्यायेव ने आगे बताया कि हाल के दिनों में स्वीडिश समाज में परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बहुत सक्रियता से चर्चा चल रही है। इस बहस के केंद्र में यह मुख्य सवाल है कि क्या यूरोपीय देश एक प्रमुख नाटो सहयोगी के रूप में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका (USA) पर अपना भरोसा बनाए रख सकते हैं, या फिर यूरोप को अपनी खुद की परमाणु क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है।

​[फ्रांस की नई परमाणु नीति का संदर्भ:]

उल्लेखनीय है कि इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने एक बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने घोषणा की थी कि उनका देश “एडवांसड न्यूक्लियर डिटेरेंस” (उन्नत परमाणु प्रतिरोध) के चरण में प्रवेश कर रहा है। इस नई नीति के तहत फ्रांस अपने पास मौजूद परमाणु हथियारों की संख्या में बढ़ोतरी करेगा और यूरोपीय देशों को साझा परमाणु डिटेरेंस अभ्यासों में हिस्सा लेने की अनुमति देगा।

​राष्ट्रपति मैक्रोन के अनुसार, स्वीडन समेत कुल आठ यूरोपीय देश इस नए रक्षा सिद्धांत में फ्रांस के साथ जुड़ेंगे, जिसे लेकर यूरोपीय भू-राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है।

Ami News
Author: Ami News

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