पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन के पास फैली गंदगी और बदहाली पर ग्राउंड रिपोर्ट
- स्थान: कैंट रेलवे स्टेशन, पठानकोट।
- मुख्य समस्या: रेलवे स्टेशन के बाहर और सब्जी मंडी के पास भारी गंदगी, कूड़ेदान की बदहाली और जगह-जगह फेंकी गई राख।
- विकास कार्य ठप: लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद क्षेत्र में कोई उचित सुंदरीकरण (Beautification) या विकास कार्य नहीं हुआ है।
- स्थानीय आक्रोश: दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है, क्योंकि यहां आने वाले ग्राहकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लाखों खर्च, फिर भी बदहाल: पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर कूड़े का ढेर और राख बनी जी का जंजाल
पठानकोट:शहर के महत्वपूर्ण और व्यस्त क्षेत्रों में शुमार कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर की स्थिति इन दिनों बेहद दयनीय बनी हुई है। लाखों रुपये खर्च किए जाने के दावों के बावजूद यहां विकास के नाम पर सिर्फ बदहाली नजर आ रही है। स्टेशन के बाहर का यह क्षेत्र अब पूरी तरह से एक कूड़ेदान में तब्दील हो चुका है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और बाहर से आने वाले यात्रियों का जीना मुहाल हो गया है।
गंदगी और राख से ढंका इलाका:
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि स्पीचवे सब्जी मंडी और कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास साफ-सफाई की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। हालत यह है कि गंदगी को छिपाने या ढकने के लिए अधिकारियों द्वारा जगह-जगह राख फेंकी जा रही है। स्टेशन के ठीक बाहर इस तरह राख और कचरे के ढेर मिलना रेलवे स्टेशन की छवि को भी धूमिल कर रहा है।
विकास के दावे हवा हवाई:
क्षेत्र के दुकानदारों का आरोप है कि यहां नाममात्र के लिए भी सुंदरीकरण का काम नहीं हुआ है। पानी की निकासी का उचित प्रबंध न होने के कारण हल्की बारिश में ही सारा गंदा पानी और कचरा यहीं एकत्र हो जाता है। दुकानदारों का कहना है कि मंत्री या अधिकारी आते हैं, स्थिति का जायजा लेकर चले जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
राहगीरों और महिलाओं को परेशानी:
स्टेशन के पास से गुजरने वाले राहगीरों, विशेषकर महिलाओं और स्कूटी चालकों को यहां से निकलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। फिसलन और गंदगी के कारण अक्सर लोगों के गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय लोगों की मांग:
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से पुरजोर मांग की है कि इस मुख्य मार्ग की सुध ली जाए, जल निकासी और सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, तथा यहां फैल रही गंदगी से निजात दिलाई जाए ताकि यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों को राहत मिल सके।













