चौंकाने वाला सच: रोजगार सृजन के मामले में देश के इन बड़े राज्यों को पछाड़कर जम्मू-कश्मीर बना नंबर-1
क्या यह बात आपको अजीब लगती है कि रोजगार पैदा करने के मामले में देश का एक केंद्र शासित प्रदेश, बड़े-बड़े औद्योगिक राज्यों से भी आगे निकल सकता है? लेकिन यह शत-प्रतिशत सच है!”
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए फंड यानी मार्जिन मनी हासिल करने के मामले में जम्मू-कश्मीर ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि देश के 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे भाजपा-शासित बड़े राज्य इसके बाद क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहे हैं।

- 4 साल के आंकड़े: यह करिश्मा सिर्फ एक साल में नहीं हुआ, बल्कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक लगातार चार सालों का यही हाल रहा है।
- बड़ा बजट और नौकरियां: सरकार इस योजना के तहत रोजगार सृजन पर सालाना 3000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करती है। पिछले 5 वर्षों में इस कार्यक्रम ने देश भर में अनुमानित 36.33 लाख नौकरियां पैदा की हैं।
- शुरुआती आंकड़े (2021-22): इस सूची में जम्मू-कश्मीर 467 करोड़ रुपये की ग्रांट के साथ सबसे ऊपर रहा। इसके बाद उत्तर प्रदेश को 411 करोड़, गुजरात को 286 करोड़ और महाराष्ट्र को 129 करोड़ रुपये मिले।
- आगे की स्थिति: हालांकि अगले तीन वर्षों में (2025-26 को छोड़कर) स्थिति थोड़ी बदली; उदाहरण के लिए एक चरण में उत्तर प्रदेश को 303 करोड़ और जम्मू-कश्मीर को 155 करोड़ रुपये मिले, लेकिन शीर्ष राज्यों में इनका दबदबा कायम रहा।
भविष्य को लेकर चिंता (What’s Next?):
यह सारा फंड देश भर में स्वीकृत आवेदनों के लिए मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में जारी किया जाता है। लेकिन चिंता की एक बड़ी बात यह है कि सरकार ने अभी तक साल 2026-27 से शुरू होने वाले अगले 5 वर्षों के लिए इस योजना को आगे बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं किया है।
अब देखना यह होगा कि बेरोजगारी के इस दौर में क्या सरकार इस बेहद सफल योजना को आगे विस्तार देती है या नहीं।










