पठानकोट के मिशन रोड पर अवैध पार्किंग बनी सिरदर्द, ट्रैफिक जाम और हादसों का खतरा बरकरार
पठानकोट के मिशन रोड पर। जैसा कि आप सब को हम एक बार पहले भी बता चुके हैं कि पठानकोट के मिशन रोड पर कई कॉलेज और स्कूल हैं। बच्चे रोजाना यहां से गुजरते हैं, लेकिन अगर हम पार्किंग की बात करें तो यहां पार्किंग की सुविधा नहीं है, पर फिर भी लोग अपनी गाड़ियां यहां पार्क करते हैं। जिसके चलते ट्रैफिक की समस्या होती है, आने-जाने वाले बच्चों और राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
- प्रशासन की सख्ती बेअसर: ट्रैफिक इंचार्ज ब्रह्मदत्त होना के द्वारा कई बार यहां चालान किए गए हैं, कई बार गाड़ियां कब्जे में भी ली गई हैं, पर फिर भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। लोग लगातार यहां फिर से पार्किंग कर रहे हैं, जिससे हादसों का कारण भी बन जाता है।
- व्यस्त इलाका और आवाजाही: आपको बता दें कि यह एक व्यस्त इलाका है। चारों साइड से रोड निकलता है, चारों साइड से आवाजाही है, पर फिर भी लोग कहीं भी अपनी गाड़ी पार्क कर देते हैं।
- लंबी अवधि तक खड़ी रहती हैं गाड़ियां: यह सिर्फ कुछ मिनटों की बात नहीं है, बल्कि कई-कई महीनों तक कई गाड़ियां यहीं पड़ी रहती हैं। बाद में यह भी पता नहीं चलता कि वो गाड़ी किसके द्वारा यहां खड़ी की गई थी और कब से खड़ी है।
कैमरा विजुअल और प्रशासन की चेतावनी (Visuals & Warning):
- कैमरे की नजर में: 24 घंटे इस व्यस्त इलाके में आवाजाही होती है। हर तरफ से स्कूटी, बाइक और ऑटो आ रहे हैं, लेकिन लोगों को इतनी भी शर्म नहीं है कि प्रशासन द्वारा सख्त हिदायतें और मना करने के बावजूद मिशन रोड पर पार्किंग की जा रही है।
- फुटपाथ पर कब्जा: तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि फुटपाथ पर भी लोगों द्वारा गाड़ियां लगा दी गई हैं, जबकि फुटपाथ लोगों के चलने और आराम के लिए होता है, न कि पार्किंग के लिए। सामने ‘नो पार्किंग’ लिखा होने के बावजूद उसके बिल्कुल आगे गाड़ियां लगाई गई हैं, जो सरासर गलत है।
निष्कर्ष और अपील (Conclusion & Appeal):
सवाल यह है कि जब पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है, चालान भी किए जा रहे हैं, तो फिर दोबारा पार्किंग क्यों हो रही है? पुलिस प्रशासन अपना काम कर रहा है, पर लोगों को भी समझदारी दिखानी चाहिए और यहां पार्किंग नहीं करनी चाहिए ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े और कोई हादसा न हो।












