पठानकोट: न्यू उत्तम गार्डन कॉलोनी में जलभराव और अधूरे पुल से बढ़ी मुश्किलें, बारिश से पहले ही उखड़ी शटरिंग
- निवासियों का आरोप: निकासी का कोई अन्य रास्ता नहीं, पुल की कम ऊंचाई और प्रशासनिक लापरवाही से बाढ़ जैसे हालात
पठानकोट:शहर के लमीनी स्टेडियम और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के सरकारी कॉलेज के सामने स्थित ‘न्यू उत्तम गार्डन कॉलोनी’ में जलभराव और अधूरे पड़े पुल का निर्माण स्थानीय लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है। पिछले वर्षों की बरसात में इस क्षेत्र में भारी बाढ़ जैसे हालात बन गए थे और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन द्वारा यहां एक नए पुल का निर्माण शुरू करवाया गया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है।
बरसात से पहले बही शटरिंग, काम रुका
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल का निर्माण कार्य पिछले 6-7 महीनों से चल रहा है, लेकिन मानसून की पहली ही सामान्य बारिश में पुल पर डाली गई शटरिंग उखड़ कर बह गई। ठेकेदार और संबंधित विभागों की सुस्ती के कारण हालात जस के तस बने हुए हैं।
पुल की कम ऊंचाई पर उठे सवाल
कॉलोनी वासियों के अनुसार, बनाए जा रहे पुल की ऊंचाई नाले के तल या सड़क के बराबर रखी जा रही है, जो तकनीकी रूप से गलत है। निवासियों का तर्क है कि यदि पुल की ऊंचाई कम से कम 2 से 3 फीट और नहीं बढ़ाई गई, तो तेज बारिश के दौरान सारा पानी पुल के ऊपर से गुजरेगा और नाले का गंदा पानी व सीवरेज का कचरा सड़क पर भर जाएगा।
आवाजाही बंद होने से आपातकाल में बढ़ी परेशानी
न्यू उत्तम गार्डन कॉलोनी के लोगों का यह भी दर्द है कि इस क्षेत्र के चारों तरफ आने-जाने के लिए कोई अन्य सुरक्षित रास्ता नहीं है। यदि रात के समय कोई मेडिकल इमरजेंसी या अन्य आपात स्थिति आ जाए, तो लोग शहर की तरफ नहीं निकल सकते। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि पुल की ऊंचाई बढ़ाई जाए और निर्माण कार्य में तेजी लाकर उन्हें इस नरकीय जीवन से मुक्ति दिलाई जाए।












