डल्हौजी रोड का नेचर पार्क बदहाल: रखरखाव के अभाव में बन रहा नशे का अड्डा
- स्थान: पठानकोट, डल्हौजी रोड
- विभाग: वन विभाग (फॉरेस्ट डिवीजन)

- लापरवाही की मार: पठानकोट के डल्हौजी रोड पर वन विभाग द्वारा बनाया गया ‘नेचर पार्क’ आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है.
- असामाजिक तत्वों का कब्जा: देखरेख के अभाव में यह पार्क अब सैर-सपाटे की जगह नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है.
- बुनियादी सुविधाओं का बुरा हाल: पार्क के अंदर भारी घास उग आई है, और डस्टबिन भी कचरे से पूरी तरह भरे हुए हैं.
- खतरे की आशंका: अत्यधिक घास उगने के कारण यहाँ सांप या अन्य खतरनाक जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है.
- प्रशासन से सवाल: स्थानीय लोगों और रिपोर्टर द्वारा यह सवाल उठाया जा रहा है कि यदि पार्क बनाए जाते हैं, तो संबंधित विभागों द्वारा उनकी समय पर देखरेख क्यों नहीं की जाती?
पठानकोट के डल्हौजी रोड स्थित फॉरेस्ट डिवीजन द्वारा बनाए गए ‘नेचर पार्क’ की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है. पार्कों का निर्माण आम जनता और बच्चों को प्रकृति के करीब लाने और सैर करने के लिए किया जाता है, ताकि लोग स्वस्थ वातावरण में कुछ समय बिता सकें. लेकिन इस पार्क की बदतर हालत ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, इस पार्क में लंबे समय से कोई साफ-सफाई नहीं कराई गई है. पार्क के रास्तों और बेंचों के आसपास भारी घास उग आई है. हालात इतने खराब हैं कि यहाँ लगाए गए डस्टबिन भी पूरी तरह कचरे और बोतलों से अटे पड़े हैं. शाम ढलते ही यह सूना पार्क असामाजिक तत्वों और नशा करने वालों की शरणस्थली बन जाता है.
क्षेत्र के नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है, क्योंकि अभिभावक अब इस बदहाल पार्क में अपने बच्चों को खेलने भेजने से कतराने लगे हैं.
प्रशासन से अपील:
स्थानीय जनता और मीडिया के माध्यम से वन विभाग (फॉरेस्ट डिवीजन) और संबंधित प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि वे इस ओर जल्द से जल्द ध्यान दें. पार्क की तुरंत सफाई करवाई जाए, लंबी घास को कटवाया जाए और यहाँ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि इस पार्क को दोबारा से एक सुरक्षित और उपयोगी सार्वजनिक स्थल बनाया जा सके.












