मामून में खस्ताहाल पुल बना खतरे की घंटी: टूटा रास्ता, सुरक्षा दीवार न होने से मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा
पठानकोट: पठानकोट के मामून क्षेत्र में स्थित मुख्य मार्ग का पहला पुल हादसों को न्योता दे रहा है। महत्वपूर्ण आवाजाही वाला मार्ग होने के बावजूद पुल की स्थिति अत्यंत जर्जर बनी हुई है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, इस पुल की एक तरफ की सुरक्षा दीवार (बाउंड्री वॉल) तो ठीक स्थिति में है, लेकिन दूसरी तरफ की दीवार पूरी तरह से टूटी हुई है। इसके अलावा, पुल पर बनी सड़क भी पूरी तरह उबड़-खाबड़ और क्षतिग्रस्त है।
मुख्य बातें और प्रमुख बिंदु:
- महत्वपूर्ण आवाजाही का रास्ता: यह मार्ग आगे जाकर कई प्रमुख स्कूलों, सेना (आर्मी) क्षेत्र और प्रसिद्ध गढ़ माता मंदिर की ओर जाता है।
- दैनिक खतरा: इस रास्ते से प्रतिदिन कई स्कूल बसें, सेना के वाहन और भारी संख्या में राहगीर व स्थानीय लोग गुजरते हैं।
- अदृश्य खतरा: सड़क टूटी होने के कारण वाहन चालक हिचकोले खाते हुए निकलते हैं। वहीं पुल की सुरक्षा दीवार न होने से बगल की गहरी खड्ड में वाहनों के गिरने का अंदेशा हर समय बना रहता है।
प्रशासन की अनदेखी पर उठे सवाल
क्षेत्रीय लोगों और यात्रियों की ओर से बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बाद भी संबंधित विभाग ने इस जर्जर पुल की मरम्मत की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे के होने का इंतजार कर रहा है।
मांग:
जनता ने संबंधित प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि किसी अनहोनी से पहले इस खस्ताहाल पुल की सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाए तथा टूटी सड़क की तुरंत मरम्मत की जाए।












