चंबा में दिल दहला देने वाली वारदात: पिता ने 6 साल के मासूम बेटे को उफनती रावी नदी में फेंका
वारदात के बाद आरोपी पिता ने पुलिस थाने पहुंचकर किया सरेंडर; तेज बहाव के बीच सर्च ऑपरेशन जारी, मासूम का सुराग नहीं
जितेंद्र मेहरा, चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक दिल दहला देने वाली और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता पर अपने ही छह साल के मासूम बेटे को उफनती रावी नदी में फेंकने का सनसनीखेज आरोप लगा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता ने खुद पुलिस के समक्ष पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
सोमवार रात की घटना, सुबह थाने पहुंचा आरोपी
जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक मामला ग्राम पंचायत कियाणी से जुड़ा है। आरोप है कि यहां के निवासी हितेष कुमार ने सोमवार रात अपने छह वर्षीय मासूम बेटे को रावी नदी के तेज बहाव में फेंक दिया। घटना के बाद आरोपी फरार नहीं हुआ, बल्कि मंगलवार सुबह वह खुद पुलिस थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। आरोपी के आत्मसमर्पण करते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
उफनती रावी बनी रेस्क्यू में सबसे बड़ी बाधा
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) चंबा दिनेश शर्मा की अगुवाई में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय निवासियों और गोताखोरों की मदद से रावी नदी में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। हालांकि, नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर और तेज बहाव रेस्क्यू टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। खबर लिखे जाने तक मासूम का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।
तलाश पर केंद्रित है पहला प्रयास
“मामला बेहद गंभीर है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। रावी नदी के तटीय इलाकों और संभावित स्थानों पर लगातार बच्चे की तलाश की जा रही है। नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन हमारी प्राथमिकता मासूम की जल्द से जल्द बरामदगी है।”
— दिनेश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), चंबा
कड़ाई से पूछताछ कर रही पुलिस, इलाके में सन्नाटा
पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मुख्य सवाल का जवाब तलाशने में जुटी है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही या किस मानसिक स्थिति में पिता ने इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इस अमानवीय वारदात के बाद से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटे का माहौल है। हर कोई रावी नदी के किनारे टकटकी लगाए मासूम के सुरक्षित मिल जाने की उम्मीद कर रहा है।












