पठानकोट सिविल अस्पताल: टपकती छत, फर्श पर कीचड़; दावों के बीच लाचार दिखे मरीज और तीमारदार
पठानकोट: पंजाब सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे और वादे करती नज़र आ रही हो, लेकिन धरातल की सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। बारिश के इस मौसम में पठानकोट के सिविल अस्पताल की पोल पूरी तरह से खुल गई है। अस्पताल के मेन ऑपरेशन थिएटर (OT) और मेल वार्ड के बाहर लॉबी की छत से पानी टपक रहा है, जिससे पूरे फर्श पर पानी और कीचड़ जमा हो गया है।
ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठा परिवार मजबूर
अस्पताल के सेकंड फ्लोर पर स्थित मेन ओटी (OT) और मेल वार्ड के बाहर बने वेटिंग एरिया का हाल बेहाल है। एक तरफ ओटी के भीतर मरीजों के ऑपरेशन चल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बाहर उनके तीमारदार पानी टपकती छत के नीचे, गंदे फर्श और कीचड़ के बीच बैठने को मजबूर हैं।
अस्पताल में अपने मरीज के इलाज के लिए आए एक स्थानीय निवासी दीपक कुमार ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा:
“हम सुबह 7 बजे से अपने मरीज के ऑपरेशन के लिए आए हुए हैं। दो-चार दिनों की बारिश में ही यह हाल हो गया है। अगर दूर-दूर से मरीज आते हैं, तो उन्हें बैठने और रुकने में काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन को इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द करना चाहिए।”
प्रशासन का पक्ष: बारिश रुकते ही होगी मरम्मत
अस्पताल में फैली इस अव्यवस्था और टपकती छत को लेकर जब अस्पताल प्रशासन से सवाल किया गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि पिछली बार आई समस्या की मरम्मत करवा दी गई थी। लेकिन पठानकोट में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण फिर से पानी टपकने की समस्या सामने आई है। प्रशासन का आश्वासन है कि बारिश के थमते ही मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।
बड़ा सवाल: आखिर कब सुधरेगी व्यवस्था?
हर साल बरसात के मौसम में अस्पताल के वार्डों और गलियारों में पानी भरने और छत टपकने की तस्वीरें सामने आती हैं। सवाल यह उठता है कि क्या बरसात शुरू होने से पहले पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए जाते? क्या हर बार मरीजों और उनके परिजनों को इसी तरह लाचार छोड़ दिया जाएगा?
अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन इस पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।














