वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी बनीं नई उच्च शिक्षा सचिव
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा निर्णय लेते हुए वरिष्ठ नौकरशाह दीप्ति गौड़ मुखर्जी को देश का नया उच्च शिक्षा सचिव (Higher Education Secretary) नियुक्त किया है। इससे पहले वे कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) में सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं।
NEET विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
सूत्रों के मुताबिक, हालिया नीट (NEET) परीक्षा विवाद के बाद से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में लगातार बदलाव देखे जा रहे हैं। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद पर एक महीने के भीतर यह दूसरा बड़ा फेरबदल है। दीप्ति गौड़ मुखर्जी से पहले नरेश पाल गंगवार को इस जिम्मेदारी के लिए नामित किया गया था, लेकिन अब सरकार ने अपने आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए मुखर्जी को इस महत्वपूर्ण पद की कमान सौंपी है।
कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी?
3 फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मीं दीप्ति गौड़ मुखर्जी 1993 बैच की वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव बेहद व्यापक और समृद्ध रहा है:
- उच्च शिक्षा: उन्होंने देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से अर्थशास्त्र (Economics) में स्नातकोत्तर (Master’s) की डिग्री हासिल की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ‘लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस’ (LSE) से पब्लिक मैनेजमेंट की पढ़ाई की है।
- राज्य स्तर पर अनुभव: मध्य प्रदेश कैडर की अधिकारी होने के नाते उन्होंने राज्य सरकार में प्रशासनिक सुधार, खेल एवं युवा कल्याण जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में प्रमुख सचिव के रूप में कार्य किया है।
- राष्ट्रीय स्तर पर पहचान: केंद्र सरकार में वे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (National Health Authority – NHA) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर रह चुकी हैं, जहाँ उन्होंने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत’ योजना के क्रियान्वयन की कमान संभाली थी।
डिजिटल पारदर्शिता और समन्वय होंगी मुख्य प्राथमिकताएं
नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों, उद्योग (Industry) और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने विकास कार्यों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग पर विशेष जोर दिया है।











