पंजाब में ‘जंगलराज’, आम आदमी और व्यापारी असुरक्षित: बिक्रम सिंह मजीठिया
* “देख लो पंजाबियों, ये है AAP का बदलाव”: मजीठिया का मान सरकार पर करारा हमला
* लुधियाना हत्याकांड और कपूरथला फायरिंग की सीसीटीवी फुटेज साझा कर उठाए सवाल
चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मजीठिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में हत्या, लूट और रंगदारी (फिरौती) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और राज्य में आम आदमी व व्यापारी वर्ग पूरी तरह से असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
”यह आम आदमी पार्टी का तथाकथित बदलाव”
मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निशाना साधते हुए लिखा, “देख लो पंजाबियों, ये है आम आदमी पार्टी का बदलाव।” उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों और कमजोर प्रशासनिक पकड़ के कारण अपराधियों में पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। अब बदमाश बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
“पुलिस की भूमिका अब अपराधियों को पकड़ने के बजाय केवल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ मामले दर्ज करने तक सीमित होकर रह गई है।” > — बिक्रम सिंह मजीठिया, अकाली दल नेता
लुधियाना व कपूरथला की घटनाओं का दिया हवाला
कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोलते हुए मजीठिया ने दो बड़ी घटनाओं के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज साझा किए:
- लुधियाना का हरजिंदर सिंह हत्याकांड: मजीठिया ने हाल ही में सामने आए फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह दिन-दिहाड़े हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया, उससे स्पष्ट है कि राज्य में कानून का शासन खत्म हो चुका है।
- कपूरथला (काला संघियां) फायरिंग: कपूरथला के काला संघियां क्षेत्र में एक कपड़ा कारोबारी के घर पर हुई अंधाधुंध फायरिंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में व्यापारी दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।
”गृह विभाग संभालने वाले मुख्यमंत्री रील बनाने में व्यस्त”
अकाली नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर चुटकी लेते हुए कहा कि गृह विभाग (Home Ministry) खुद मुख्यमंत्री के पास है, लेकिन इसके बावजूद जनता अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। मजीठिया ने आरोप लगाया:
- दिल्ली की कठपुतली: पंजाब सरकार को दिल्ली के हाथों की कठपुतली बनाकर रख दिया गया है।
- जमीनी हकीकत से दूरी: मुख्यमंत्री को रील बनाने और पब्लिसिटी से समय निकालकर राज्य की बिगड़ती जमीनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
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