भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ: पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों को दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ऐतिहासिक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के वीर सेनानियों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए दिए गए उनके अदम्य साहस और बलिदान की गाथा हर भारतीय के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
सोमवार (9 अगस्त) को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा:
“ऐतिहासिक भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने वाले सभी महानुभावों को नमन। उनका साहस और संघर्ष हर भारतीय को सदैव प्रेरित करता रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि महात्मा गांधी के “भारत छोड़ो” के आह्वान ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में एक नई ऊर्जा का संचार किया था। इस आंदोलन ने औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन से आजादी पाने के लिए देशवासियों के अटूट संकल्प और अटूट इच्छाशक्ति को प्रदर्शित किया।
स्वतंत्रता संग्राम का निर्णायक मोड़
उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त, 1942 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की शुरुआत हुई थी। इस आंदोलन के दौरान ही महात्मा गांधी ने “करो या मरो” का प्रसिद्ध नारा दिया था। इस ऐतिहासिक जन-आंदोलन ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को एक निर्णायक दिशा दी और ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिलाकर रख दी थी।











