30 साल बाद भी अधूरी ‘राजनगर-गण्डार’ सड़क: महिलाओं ने सीएम सुक्खू से लगाई गुहार, NABARD से बजट जारी करने की मांग
जितेंद्र मेहरा, चंबा ग्राम पंचायत रूपणी के ग्रामीणों और स्थानीय महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर राजनगर-गण्डार सड़क निर्माण की समस्या को प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग की है किNABARD योजना के तहत सड़क के अधूरे पड़े कार्य के लिए जल्द से जल्द धनराशि जारी की जाए।
1996 से लटका है निर्माण कार्य
ग्राम पंचायत रूपणी के पूर्व प्रधान ने मुख्यमंत्री को दिए पत्र में बताया कि राजनगर से गण्डार तक सड़क निर्माण का कार्य वर्ष 1996-97 में शुरू हुआ था। लगभग 30 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह सड़क आज तक अधूरी पड़ी है। सड़क के अभाव में हजारों की आबादी को आवाजाही के लिए रोज़ाना भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
फॉरेस्ट क्लीयरेंस और DPR तैयार, बस बजट का इंतज़ार
प्रतिनिधिमंडल ने सीएम के समक्ष स्पष्ट किया कि:
- सड़क निर्माण के लिए आवश्यक फॉरेस्ट क्लीयरेंस (Forest Clearance) पहले ही मिल चुकी है।
- संबंधित लोक निर्माण विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार कर ली गई है।
- प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद NABARD से धनराशि स्वीकृत न होने के कारण धरातल पर काम रुका हुआ है।
बरसात में बदतर होते हैं हालात
लगभग 4 किलोमीटर लंबी यह सड़क पंचायत के कई गांवों को आपस में जोड़ती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह से बदहाल हो जाता है, जिससे मरीजों को अस्पताल ले जाने और बच्चों के स्कूल जाने में भारी दिक्कत आती है।
स्थानीय प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की आवाज़
मंजिली शर्मा (पूर्व प्रत्याशी, जिला परिषद): > “30 साल से इलाका निवासी सड़क की बाट जोह रहे हैं। फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद भी काम न होना समझ से परे है। मुख्यमंत्री से आग्रह है कि नाबार्ड से बजट जारी करवाकर हमें इस नारकीय स्थिति से मुक्ति दिलाएं।”
विजय कुमारी (स्थानीय निवासी): > “बरसात में हमारी दिक्कतें दोगुनी हो जाती हैं। इमरजेंसी में किसी मरीज को ले जाना बेहद कठिन होता है। अगर जल्द सड़क का काम शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा।”
पूर्व प्रधान (ग्राम पंचायत रूपणी): > “हमने मुख्यमंत्री जी को पूरी स्थिति से अवगत करवा दिया है। DPR तैयार है, केवल नाबार्ड योजना से बजट की मंजूरी बाकी है। हमें पूरी उम्मीद है कि प्रदेश सरकार जनहित के इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द धनराशि जारी करेगी।”













