सादगी की मिसाल: चंबा में मिंजर मेले के बाद वीआईपी कल्चर छोड़ नाई की दुकान पहुंचे सीएम सुक्खू
जितेंद्र मेहरा (चंबा)चंबा: अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के समापन और जलाभिषेक/विसर्जन कार्यक्रम के बाद चंबा में एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने स्थानीय जनता के साथ-साथ प्रशासनिक अमले को भी हैरान कर दिया। रेड कारपेट और वीआईपी कल्चर को दरकिनार करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अचानक पुराने बस अड्डे पर स्थित एक छोटी-सी नाई की दुकान में बाल कटवाने बैठ गए।
अचानक रुका काफिला, हैरान रह गए सुरक्षाकर्मी
मिंजर मेले के आधिकारिक कार्यक्रमों के समापन के बाद मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही पुराने बस अड्डे के पास पहुंचा, अचानक सीएम के निर्देश पर गाड़ियां रोक दी गईं। सुरक्षा अधिकारियों और प्रशासनिक अमले को पहले तो कुछ समझ नहीं आया कि अचानक काफिला क्यों रोका गया है। लेकिन अगले ही पल मुख्यमंत्री सुक्खू गाड़ी से उतरकर सीधे पुराने बस अड्डे की एक बेहद साधारण ‘बार्बर शॉप’ में दाखिल हो गए।
आम ग्राहक की तरह कुर्सी पर बैठे मुख्यमंत्री
दुकान में पहुंचकर मुख्यमंत्री बिना किसी विशेष इंतज़ाम या सुरक्षा तामझाम के एक आम नागरिक की तरह नाई की कुर्सी पर बैठ गए और बाल कटवाने लगे। मुख्यमंत्री को इस तरह अपनी दुकान में पाकर दुकानदार और आसपास के लोग भी कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए।
दुकान के बाहर जुटी लोगों की भीड़
जैसे ही यह खबर फैली कि मुख्यमंत्री सड़क किनारे नाई की दुकान में बैठे हैं, देखते ही देखते दुकान के बाहर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। बाल कटवाने के दौरान मुख्यमंत्री ने बेहद सहज भाव से वहां मौजूद लोगों से बातचीत की, उनका हाल-चाल जाना और मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
चर्चा का विषय बनी सादगी > वीआईपी संस्कृति से इतर मुख्यमंत्री का यह अंदाज़ अब पूरे चंबा शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिक इसे मुख्यमंत्री की सादगी, सहजता और ज़मीनी स्तर पर आम जनता से उनके गहरे जुड़ाव के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।











