सच्चे हीरो को सलाम: भीख के पैसों से गड्ढे भरने वाले राजू को लायंस क्लब ने किया सम्मानित
कहते हैं कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा कभी छिपती नहीं है। इसका जीवंत उदाहरण पठानकोट के राजू जी हैं। अपनी लाचारी और दिव्यांगता को दरकिनार करते हुए राजू जी ने शहर की खस्ताहाल सड़कों के गड्ढों को खुद अपने पैसों से भरकर मानवता की मिसाल पेश की है। इस जज्बे को सलाम करते हुए लायंस क्लब पठानकोट की टीम ने राजू जी को सम्मानित किया।
मांगकर जुटाए पैसों से सुधारी सड़कें
राजू जी ने बताया कि वे बिजली घर के सामने लोगों से 10-10 रुपये एकत्रित करके अपनी आजीविका चलाते हैं। सड़कों की खराब हालत के कारण जब वे लोगों को वहां गिरते और चोटिल होते देखते थे, तो उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने अपने पास जमा पैसों से मसाला और निर्माण सामग्री बनवाकर खुद सड़कों के गड्ढे भरवाए।
राशन कार्ड व आवास की गुहार
राजू जी ने भावुक होकर बताया कि इतना सब करने के बावजूद उनके पास न तो रहने के लिए पक्का मकान है और न ही राशन कार्ड बन सका है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से राशन कार्ड बनवाने तथा रहने के लिए जगह दिलाने की अपील की है।
“असली सुपरहीरो किसी पद के मोहताज नहीं”
लायंस क्लब के पदाधिकारियों (गवर्नर राजीव खोसला, अध्यक्ष विजय वर्मा और रीजन चेयरमैन रितेश महाजन) ने कहा कि राजू जी जैसे लोग समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। जो काम प्रशासन और सरकार समय पर नहीं कर सकी, वह काम इस व्यक्ति ने अपनी सीमित कमाई से कर दिखाया।
लायंस क्लब की टीम ने आश्वासन दिया है कि वे राजू जी के लिए आवास की व्यवस्था कराने हेतु सरकारी अधिकारियों व मंत्रियों से बात करेंगे और उनकी हर संभव मदद करेंगे।











