पेपर लीक और सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर कल राज्यपाल से मिलेगा अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल
सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया फैसला, दोषी पुलिस अधिकारियों पर FIR और रद्द भर्तियों की करेंगे मांग
शिरोमणि अकाली दल (SAD) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल कल पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और बरनाला में दलित (अनुसूचित जाति) सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।
यह निर्णय आज पार्टी की वरिष्ठ नेतृत्व बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने की।
आप सरकार पर जांच में रोड़ा अटकाने का आरोप
बैठक के बाद विवरण साझा करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल के ध्यान में यह बात लाएगा कि राज्य में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पेपर लीक की जांच में लगातार रुकावटें पैदा कर रही है और अपनी जवाबदेही से भाग रही है।
”हाल ही में फार्मेसी ऑफिसर परीक्षा समेत कई अन्य भर्तियां पेपर लीक के कारण विवादों में घिरी हैं। न्याय के हित में इन सभी विवादित भर्ती प्रक्रियाओं को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।” — डॉ. दलजीत सिंह चीमा, वरिष्ठ नेता (SAD)
बरनाला लाठीचार्ज: SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग
बरनाला में हुई घटना पर चिंता जताते हुए अकाली दल के नेता ने कहा कि जिस तरह से दलित महिला सफाई कर्मचारियों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गईं और उनके सिर पर वार किए गए, वह इस बात का सबूत है कि ‘आप’ सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सभी सीमाएं पार कर चुकी है।
अकाली दल की मुख्य मांगें:
- निष्पक्ष जांच: पेपर लीक मामलों की बिना किसी सरकारी हस्तक्षेप के निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- भर्तियां रद्द हों: विवादित फार्मेसी ऑफिसर व अन्य प्रभावित परीक्षाओं को रद्द किया जाए।
- दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई: बरनाला में लाठीचार्ज करने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज की जाए।
- सख्ती पर रोक: लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे नागरिकों पर अनुचित बल प्रयोग करने वाले सभी मामलों में कार्रवाई हो।











