लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) स्कीम के विरोध में वकीलों का प्रदर्शन तेज, 7 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय स्तर का प्रदर्शन
लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) स्कीम के विरोध में वकीलों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। गत 20 जुलाई से अदालती कामकाज का पूरी तरह से बहिष्कार कर हड़ताल कर रहे अधिवक्ताओं ने अब अपने संघर्ष को और धार देने के लिए क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वकीलों के काम बंद करने के कारण अदालतों में न्यायिक प्रक्रिया काफी हद तक प्रभावित हो रही है, जिससे आम जनता और मुकदमों से जुड़े लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
10 से 12 वकील रोजाना बैठ रहे हैं भूख हड़ताल पर
प्रदर्शनकारी वकीलों के अनुसार, आंदोलन को मजबूत करने के लिए रोजाना 10 से 12 वकील बारी-बारी से भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। वकीलों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार और संबंधित प्रशासन उनकी मांगों को नहीं मान लेता, तब तक यह संघर्ष इसी प्रकार जारी रहेगा।
रोजी-रोटी पर संकट का दावा
वकीलों का तर्क है कि LADC स्कीम स्वतंत्र रूप से वकालत करने वाले अधिवक्ताओं की रोजी-रोटी पर सीधा असर डाल रही है।
वकीलों का मुख्य आरोप:
- इस योजना के तहत जेलों में बंद अपराधियों और आरोपियों को सीधे वहीं मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
- इससे स्वतंत्र आपराधिक वकीलों (Criminal Lawyers) का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
- वकीलों ने यह दावा भी किया कि इस व्यवस्था से आपराधिक मामलों में संलिप्त व्यक्तियों को अनुचित सुविधाएं मिल रही हैं।
7 अगस्त को जंतर-मंतर पर महापड़ाव का ऐलान
आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से वकीलों ने घोषणा की है कि 7 अगस्त को देशभर से अधिवक्ता राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्रित होंगे और एक विशाल तथा शांतिपूर्ण राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन करेंगे।
वकीलों ने एक स्वर में मांग की है कि LADC स्कीम को तुरंत रद्द किया जाए, अन्यथा यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।











