भदोही का नाम फिर होगा ‘संत रविदास नगर’, गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी का बड़ा ऐलान
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर वाराणसी से एक बड़ा ऐतिहासिक ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि भदोही जिले का नाम बदलकर एक बार फिर ‘संत रविदास नगर’ किया जाएगा।
वाराणसी में आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज से इस जिले को इसके पुराने और पौराणिक नाम ‘संत रविदास नगर’ से ही जाना जाएगा।
सपा पर तीखा हमला: “विपक्ष के आदर्श बाबर-औरंगजेब”
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा:
“सपा सरकार ने संत गुरु रविदास जी के नाम पर बने जिले का नाम हटाकर महापाप किया था। हमारी सरकार ने उस भूल को सुधारते हुए जिले का सम्मान बहाल कर दिया है।”
विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने आगे कहा कि जो लोग समाज को बांटने और काटने की राजनीति करते हैं, उनके आदर्श संत रविदास या महर्षि वाल्मीकि नहीं, बल्कि बाबर और औरंगजेब जैसे लोग हैं।
महापुरुषों को सम्मान दे रही है डबल इंजन सरकार
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संतों और महापुरुषों को दिए जा रहे सम्मान का उल्लेख करते हुए बताया:
- जालंधर एयरपोर्ट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत रविदास जी के नाम पर रखा है।
- अयोध्या एयरपोर्ट: अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि जी के नाम पर रखा गया है।
सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार संतों, ऋषियों और महापुरुषों के दिखाए सामाजिक समरसता के मार्ग पर चल रही है।
राजनीतिक मायने: 2027 से पहले ‘मिशन दलित’
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री का यह कदम भाजपा के ‘मिशन दलित’ का बड़ा हिस्सा है। इस फैसले के जरिए पार्टी दलित समाज में सामाजिक समरसता का एक मजबूत संदेश देने की कोशिश कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी स्थित संत रविदास मंदिर में शीश नवाया और देश व प्रदेश की समृद्धि की प्रार्थना की।











