दूषित जलापूर्ति को लेकर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, वाटर सप्लाई विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन
जैनी उप्परली गांव का मामला: ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, JE ने आरोपों को किया खारिज

सुजानपुर (पठानकोट): पठानकोट के सुजानपुर स्थित गांव जैनी उप्परली में दूषित पेयजल आपूर्ति से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। पानी की बदतर स्थिति को लेकर भड़के ग्रामीणों ने ‘सरबत दा भला ट्रस्ट’ के नेतृत्व में वाटर सप्लाई विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें लंबे समय से गंदा और दूषित पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

लापरवाही के कारण बीमारियों की चपेट में आ रहे लोग: अर्जुन सिंह
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे ‘सरबत दा भला ट्रस्ट’ के अध्यक्ष अर्जुन सिंह गिल ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि:
- विभाग की घोर लापरवाही के चलते वाटर सप्लाई टंकी का ढक्कन अक्सर खुला रहता है।
- ढक्कन खुला होने के कारण टंकी के आसपास कबूतर, अन्य पक्षी और जानवर जमा रहते हैं, जिससे पानी लगातार प्रदूषित हो रहा है।
- इस दूषित पानी के सेवन से गांव के लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि टंकी की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और उसे पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया, तो गांववासी और ट्रस्ट के सदस्य मिलकर एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
पानी की गुणवत्ता पर रखी जाती है नियमित निगरानी: जेई
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वाटर सप्लाई विभाग के जेई (JE) मानव ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
जेई मानव ने कहा— “शिकायत मिलते ही विभाग की एक विशेष टीम को मौके पर भेजकर जांच करवाई गई है। जांच में वाटर सप्लाई टंकी का ढक्कन बिल्कुल सही पाया गया है और ग्रामीणों को साफ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा समय-समय पर टंकी की सफाई करवाई जाती है और पानी की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी रखी जाती है।”

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ट्रस्ट के अध्यक्ष अर्जुन सिंह गिल के साथ भाग सिंह, रमनदीप सिंह, भूरा सिंह, कुलदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित थीं।








