पेंशनर्स ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा: मांगें न मानने पर 2027 के चुनावों में वोट न देने की दी चेतावनी
हाईकोर्ट के फैसले का किया स्वागत, पंजाब सरकार द्वारा एलपीए दायर करने और पटियाला लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में की निंदा

पठानकोट/सुजानपुर: पंजाब पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने पंजाब सरकार की कथित कर्मचारी व पेंशनर विरोधी नीतियों के खिलाफ कड़ा रोष प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने साफ शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे और उसे सत्ता से बेदखल करने का काम करेंगे।
इसी कड़ी में सुजानपुर में जिला चेयरमैन युद्धवीर सिंह और पैट्रन अश्विनी उप्पल की अध्यक्षता में एसोसिएशन की एक विशेष कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सरकार की नीतियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई और विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष को और अधिक तेज करने का सर्वसम्मति से ऐलान किया गया।

हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत, सरकार के रुख पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान पेंशनर्स ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों के हक में सुनाए गए फैसले का पुरजोर स्वागत किया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कर्मचारियों व पेंशनरों को महंगाई भत्ता (डीए) देने के आदेश जारी किए हैं।
एलपीए दायर करने की कड़ी निंदा: > एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि एक तरफ माननीय अदालत कर्मचारियों को उनका हक दे रही है, वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार इस फैसले के खिलाफ एलपीए (लेटर पेटेंट अपील) दायर कर उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। पेंशनर्स ने सरकार के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की।

पटियाला लाठीचार्ज को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
एसोसिएशन ने पटियाला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे कर्मचारियों और पेंशनरों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि हक मांगने वालों पर लाठियां बरसाना सरकार की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








