कुल्लू पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: कशेड़ गांव में 4.5 बीघा में लहलहा रही अफीम की फसल तबाह
STF ने गुप्त सूचना पर दी दबिश, नष्ट किए 1.60 लाख पौधे; नशा माफियाओं में हड़कंप

कुल्लू : जिला कुल्लू में नशा माफियाओं के खिलाफ पुलिस का ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान लगातार रंग ला रहा है। इसी कड़ी में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कुल्लू की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कशेड़ गांव में अफीम की अवैध खेती का बड़ा भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने करीब 4.5 बीघा भूमि पर अवैध रूप से उगाई गई अफीम की फसल को मौके पर ही ट्रैक्टर और अन्य माध्यमों से नष्ट कर दिया।

हैरान कर देने वाला था नजारा
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को पुख्ता सूचना मिली थी कि कशेड़ गांव के दुर्गम इलाके में बड़े पैमाने पर अफीम उगाई जा रही है। जब टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। लगभग 4.5 बीघा के विशाल क्षेत्र में अफीम की फसल पूरी तरह तैयार थी। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए करीब 1,60,000 अफीम के पौधों को चिन्हित किया और उन्हें जड़ से उखाड़कर जला दिया।
करोड़ों में आंकी जा रही है कीमत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन पौधों से तैयार होने वाली अफीम की कीमत काफी अधिक आंकी जा रही है। जानकारों का मानना है कि यदि यह फसल नशा तस्करों के हाथ लग जाती, तो इससे करोड़ों रुपये का काला कारोबार किया जा सकता था। एसटीएफ की इस समयबद्ध कार्रवाई ने नशा माफिया के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

थाना सदर में मामला दर्ज
मामले की पुष्टि करते हुए एसटीएफ कुल्लू के डीएसपी हेमराज वर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना सदर कुल्लू में मादक द्रव्य अधिनियम (NDPS Act) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस भूमि का मालिक कौन है और इस अवैध धंधे के तार किन-किन बड़े तस्करों से जुड़े हैं।
“नशा माफियाओं को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हमारी टीम लगातार संदिग्ध इलाकों पर नजर रख रही है। जल्द ही इस मामले के मुख्य सरगना सलाखों के पीछे होंगे।” > — हेमराज वर्मा, डीएसपी, एसटीएफ कुल्लू








