24 अप्रैल 2026 आज का खास दिन

आज 24 अप्रैल 2026 का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास, वैश्विक मानवता और धार्मिक आस्था के संगम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। जहाँ एक ओर हम ग्रामीण भारत की शक्ति ‘पंचायती राज’ का उत्सव मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शक्ति की अधिष्ठात्री देवी मां बगलामुखी की जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी का पवित्र संयोग बन रहा है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व
1. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस:
आज पूरा भारत ‘राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस’ मना रहा है। यह दिन ऐतिहासिक 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 की याद दिलाता है, जो 1993 में आज ही के दिन लागू हुआ था। इसी अधिनियम ने भारत में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा दिया, जिससे सत्ता का विकेंद्रीकरण हुआ और ‘ग्राम स्वराज’ का सपना साकार हुआ। आज के दिन देशभर की ग्राम सभाओं में बैठकें आयोजित कर ग्रामीण विकास का संकल्प लिया जा रहा है।
2. अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य: प्रयोगशाला पशुओं के लिए विश्व दिवस:
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आज का दिन प्रयोगशालाओं में शोध के नाम पर पीड़ित होने वाले मूक पशुओं के प्रति संवेदना व्यक्त करने का है। यह दिन वैज्ञानिक अनुसंधान में पशुओं के क्रूर उपयोग को समाप्त करने और आधुनिक, गैर-पशु विकल्पों को अपनाने की अपील करता है।
3. खेल जगत का विशेष दिन:
आज क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का जन्मदिवस भी है। भारतीय खेल प्रेमी इस दिन को एक महान उपलब्धि और प्रेरणा के रूप में देखते हैं।

धार्मिक दृष्टि: बगलामुखी जयंती और मासिक दुर्गाष्टमी
धार्मिक दृष्टि से वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि अत्यंत फलदायी है।
- बगलामुखी जयंती: आज के दिन दस महाविद्याओं में से एक, शत्रु नाशिनी मां बगलामुखी की जयंती मनाई जा रही है। पीतांबरा स्वरूप वाली मां की साधना विशेषकर शत्रुओं पर विजय और वाक-सिद्धि के लिए की जाती है।
- मासिक दुर्गाष्टमी: आज के दिन भक्त मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना कर रहे हैं। अष्टमी तिथि होने के कारण यह कन्या पूजन और शक्ति उपासना के लिए श्रेष्ठ है।
- रवि योग का संयोग: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज पुष्य नक्षत्र के साथ ‘रवि योग’ बन रहा है, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत और रुके हुए कार्यों को सिद्ध करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
आज का पंचांग: 24 अप्रैल 2026
आज का पंचांग ग्रहों और नक्षत्रों की विशेष स्थिति को दर्शाता है:
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विवरण |
समय/स्थिति |
|---|---|
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तिथि |
शुक्ल पक्ष, अष्टमी (सायं 07:21 तक), उसके बाद नवमी |
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वार |
शुक्रवार |
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नक्षत्र |
पुष्य (रात्रि 08:14 तक), उसके बाद आश्लेषा |
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योग |
शूल (रात्रि 01:24 तक), उसके बाद गण्ड |
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विक्रम संवत |
2083 |
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शक संवत |
1948 |
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सूर्योदय/सूर्यास्त |
प्रातः 05:47 / सायं 06:52 |
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चंद्रोदय |
दोपहर 12:05 |

शुभ मुहूर्त (Abhijit Muhurat):
दोपहर 11:53 से दोपहर 12:46 तक। किसी भी शुभ कार्य के लिए यह सबसे उत्तम समय है।
राहुकाल (वर्जित समय):
प्रातः 10:41 से दोपहर 12:19 तक। इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों और लेनदेन से बचना चाहिए।
निष्कर्ष:
आज का दिन कर्म, सेवा और भक्ति का अनूठा मेल है। जहाँ हम पंचायतों के माध्यम से लोकतंत्र को सींच रहे हैं, वहीं मां बगलामुखी की कृपा से अपने संकल्पों को सिद्ध करने का मार्ग भी प्रशस्त कर रहे हैं।







