जर्मनी के गुरुद्वारे में गोलक विवाद ने लिया हिंसक रूप, कृपाण से हमला; 11 घायल

डुइसबर्ग (जर्मनी): विदेश में बसे सिख समुदाय के लिए जर्मनी के डुइसबर्ग से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। यहाँ के एक स्थानीय गुरुद्वारे में श्रद्धा और सेवा की जगह हिंसा ने ले ली। गुरुद्वारे की नई मैनेजमेंट और कुछ सेवादारों के बीच गोलक (दान पेटी) के हिसाब-किताब को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।
विवाद की जड़: दान पेटी का हिसाब
जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे की नई प्रबंधन समिति (मैनेजमेंट) द्वारा पिछले कुछ समय के वित्तीय लेनदेन और गोलक के हिसाब-किताब को लेकर बैठक बुलाई गई थी। चश्मदीदों का कहना है कि इसी दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना गहरा गया कि मर्यादा की सीमाएं लांघ दी गईं और गुरुघर के भीतर ही हाथापाई शुरू हो गई।

कृपाण से हमला और फायरिंग के दावे
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे घटना के वीडियो ने सबको झकझोर कर रख दिया है। संगत के बीच मची अफरा-तफरी साफ देखी जा सकती है। खबरों के मुताबिक:
- झड़प के दौरान एक पक्ष ने कृपाण निकालकर हमला कर दिया।
- घटना में अब तक 11 लोगों के घायल होने की सूचना है।
- कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया है कि इस दौरान फायरिंग भी हुई और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मिर्च स्प्रे (Pepper Spray) का इस्तेमाल किया गया। (नोट: प्रशासन द्वारा फायरिंग की पुष्टि होना अभी बाकी है।)
संगत में रोष, पुलिस जांच जारी
गुरुद्वारे जैसी पवित्र जगह पर हुई इस हिंसा ने न केवल जर्मनी बल्कि दुनिया भर में बसे सिख समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। लोगों का कहना है कि जो स्थान शांति और सद्भाव का प्रतीक है, वहां इस तरह की गुटबाजी और हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है।
”यह घटना अत्यंत निंदनीय है। गुरुघर के भीतर मर्यादा का उल्लंघन किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।”
— स्थानीय संगत की प्रतिक्रिया

वर्तमान स्थिति:
जर्मन पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू कर दी है। गुरुद्वारे के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।







