पंजाब की सियासत में ‘चिट्ठी’ पर घमासान: बिट्टू ने राजा वडिंग को बताया केजरीवाल-मान का ‘पिट्ठू
चंडीगढ़/लुधियाना: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। बिट्टू ने आरोप लगाया है कि राजा वडिंग अब स्वतंत्र नेता नहीं रहे, बल्कि वे अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘पिट्ठू’ बनकर काम कर रहे हैं।

रंधावा आत्महत्या मामला: CBI जांच की मांग पर तकरार
विवाद की मुख्य जड़ गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या मामला है। बिट्टू ने खुलासा किया कि पंजाब के लगभग सभी सांसदों ने एकजुट होकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा था, जिसमें इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने की मांग की गई थी।

”जब पंजाब के भविष्य और इंसाफ की बात आई, तो राजा वडिंग ने उस पत्र पर हस्ताक्षर करने से साफ इनकार कर दिया। यह पंजाब के बच्चों और पीड़ित परिवार के साथ गद्दारी है।” — रवनीत सिंह बिट्टू

AAP और कांग्रेस की ‘मिलीभगत’ का दावा
बिट्टू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि राजा वडिंग का हस्ताक्षर न करना इस बात का सबूत है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच पर्दे के पीछे गहरी मिलीभगत चल रही है। उन्होंने कहा कि वडिंग पंजाब के हितों को दरकिनार कर केवल अपनी कुर्सी और AAP लीडरशिप को खुश करने में लगे हैं।









