चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि और मंगलवार का दिन भारतीय जनमानस के लिए आज विशेष आध्यात्मिक और राष्ट्रीय महत्व लेकर आया है। आज जहां देश ‘विश्व क्षय रोग दिवस’ के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहा है, वहीं धार्मिक दृष्टि से आज चैत्र नवरात्रि का छठा दिन है, जो शक्ति की उपासना को समर्पित है।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व
विश्व क्षय रोग दिवस (World TB Day)
आज पूरे विश्व में ‘विश्व क्षय रोग दिवस’ मनाया जा रहा है। यह दिन डॉ. रॉबर्ट कोच द्वारा 1882 में टीबी के बैक्टीरिया की खोज की याद में मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका उद्देश्य इस जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना और इसे जड़ से खत्म करने के प्रयासों को गति देना है। भारत सरकार ने भी 2025-26 तक देश को टीबी मुक्त करने का जो लक्ष्य रखा है, उस दृष्टि से आज का दिन संकल्प लेने का है।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
चैत्र नवरात्रि: माँ कात्यायनी की पूजा
आज चैत्र नवरात्रि का छठा दिन है। आज के दिन भक्त माँ दुर्गा के छठे स्वरूप ‘माँ कात्यायनी’ की उपासना करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था। माँ कात्यायनी को वीरता और विजय की देवी माना जाता है। आज के दिन “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः” मंत्र का जाप करना और शहद का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

यमुना षष्ठी
आज के दिन को ‘यमुना षष्ठी’ के रूप में भी मनाया जाता है। माना जाता है कि आज ही के दिन माँ यमुना पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। ब्रज क्षेत्र और विशेषकर मथुरा-वृंदावन में आज के दिन यमुना स्नान और पूजन का विशेष महत्व है।
आज का विस्तृत पंचांग
आज का पंचांग ग्रहों की स्थिति और शुभ मुहूर्त के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है:
- संवत: विक्रम संवत 2082 (नल नाम संवत्सर)
- मास: चैत्र, शुक्ल पक्ष
- तिथि: षष्ठी (दोपहर 12:45 तक, इसके बाद सप्तमी प्रारंभ)
- नक्षत्र: रोहिणी (प्रातः काल तक, तदुपरांत मृगशिरा)
- योग: आयुष्मान (संध्या काल तक)
- करण: कौलव और तैतिल
- वार: मंगलवार (हनुमान जी की पूजा के लिए विशेष दिन)
सूर्योदय और सूर्यास्त:
- सूर्योदय: प्रातः 06:21 बजे
- सूर्यास्त: सायं 06:34 बजे

शुभ और अशुभ समय (मुहूर्त)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कार्यों की सफलता के लिए सही समय का चयन आवश्यक है:
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 से 12:52 तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ समय)
- राहुकाल: दोपहर 03:31 से 05:03 तक (इस समय शुभ कार्यों से बचना चाहिए)
- अमृत काल: रात्रि 10:15 से 11:55 तक
आज का विशेष सुझाव:
चूंकि आज मंगलवार है और नवरात्रि की षष्ठी तिथि भी है, इसलिए आज हनुमान चालीसा का पाठ और देवी की आरती एक साथ करना सुख-समृद्धि के द्वार खोलता है।








