जम्मू पुलिस का ‘ऑपरेशन कामधेनु’: झज्जर कोटली में पशु तस्करी की दो बड़ी कोशिशें नाकाम, 8 मवेशी बचाए

झज्जर कोटली (जम्मू): जम्मू (ग्रामीण) पुलिस ने ‘ऑपरेशन कामधेनु’ के तहत पशु तस्करों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में झज्जर कोटली पुलिस स्टेशन की टीम ने दो अलग-अलग कार्रवाईयों में पशु तस्करी के प्रयासों को विफल करते हुए 08 पशुओं को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया।
पहली कार्रवाई: पंजाल नाके पर घेराबंदी
पहली घटना पंजाल नाका पॉइंट की है, जहाँ नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने एक महिंद्रा बोलेरो लोड कैरियर (JK03L-9149) को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। जब पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो उसमें 04 पशु बेहद क्रूर तरीके से लादे हुए पाए गए।

दूसरी कार्रवाई: बट्टल धार रोड पर नाकेबंदी
एक अन्य सफलता बट्टल धार रोड पर नधाल इलाके में मिली। यहाँ पुलिस ने नाका लगाया हुआ था। एक स्कॉर्पियो (JK02AJ-5859) के चालक ने पुलिस टीम को देखते ही वाहन को करीब 200 मीटर पहले रोक दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। जांच के दौरान इस लग्जरी गाड़ी से भी 04 पशु बरामद किए गए, जिन्हें अवैध रूप से ले जाया जा रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर
पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर सभी 08 पशुओं को सुरक्षित बचा लिया है। झज्जर कोटली पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है:
-
- FIR संख्या 29/2026: बोलेरो जब्ती मामले में।
- FIR संख्या 30/2026: स्कॉर्पियो जब्ती मामले में।
कानूनी प्रावधान: दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA Act) की धारा 11 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस अब फरार चालकों और इस तस्करी नेटवर्क के पीछे के मुख्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘ऑपरेशन कामधेनु’ के तहत ऐसी अवैध गतिविधियों पर नकेल कसना जारी रहेगा।








