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गैस के संकट के बीच केंद्र का ‘मास्टरस्ट्रोक’, पंजाब के 38 लाख परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत।

पंजाब के राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी खुशखबरी: 14 साल बाद फिर मिलेगा मिट्टी का तेल

केंद्र सरकार ने जारी किया कोटा; प्रदेश के 1.57 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा लाभ

जालंधर/चंडीगढ़:पंजाब के राशन कार्ड धारकों और डिपो होल्डरों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। केंद्र की मोदी सरकार ने करीब 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पंजाब सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कैरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) का कोटा फिर से बहाल कर दिया है। केंद्र द्वारा जारी पत्र के अनुसार, आने वाले दिनों में पंजाब के राशन डिपुओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को तेल का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।

क्यों बंद हुआ था कोटा?

​ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स फेडरेशन यूनियन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव करमजीत सिंह अड़ेचा ने इस ऐतिहासिक फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार के समय मुख्यमंत्री स्व. प्रकाश सिंह बादल ने केंद्र को पत्र लिखा था। उस पत्र में कहा गया था कि राज्य में एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण अब मिट्टी के तेल की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद, पंजाब के करीब 22,000 राशन डिपुओं पर कैरोसिन की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई थी।

कोटा बहाल करने के पीछे के मुख्य कारण

​सूत्रों और विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले के पीछे निम्नलिखित प्रमुख परिस्थितियां रही हैं:

  1. वैश्विक गैस संकट: अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान सहित खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में संकट की स्थिति बनी हुई है।
  2. चुनावी समीकरण: पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भी इसे केंद्र सरकार का एक बड़ा दांव माना जा रहा है।

किसे और कितना मिलेगा लाभ?

​यूनियन के अनुसार, इस योजना का सीधा लाभ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGAY) से जुड़े परिवारों को मिलेगा।

विवरण

आंकड़े/मात्रा

कुल लाभान्वित परिवार

लगभग 38 लाख

कुल लाभार्थी (सदस्य)

लगभग 1.57 करोड़

संभावित कोटा

5 लीटर प्रति सदस्य (हर 3 महीने में)

डिपो होल्डरों को मिलेगी राहत

​पिछले 14 सालों से कैरोसिन की सप्लाई बंद होने के कारण राशन डिपो होल्डरों की आमदनी और काम पर काफी असर पड़ा था। इस फैसले से न केवल आम जनता को ईंधन का एक सस्ता विकल्प मिलेगा, बल्कि राज्य के हजारों डिपो होल्डरों के लिए भी आर्थिक राहत की राह खुलेगी।

​”यह केंद्र सरकार का एक जनहितैषी निर्णय है। इससे उन करोड़ों लोगों को मदद मिलेगी जो वैश्विक परिस्थितियों के कारण महंगे गैस सिलेंडरों का बोझ उठाने में असमर्थ महसूस कर रहे थे।”

करमजीत सिंह अड़ेचा, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव, ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स फेडरेशन

Ami News
Author: Ami News

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