पठानकोट के विकास के विज़न को मिला वैश्विक मंच: सृजल गुप्ता ने पूर्व यूरोपीय राष्ट्रपति जोसे मैनुअल बारोसो से की मुलाकात

पठानकोट को शिक्षा और निवेश का हब बनाने पर हुई चर्चा; बारोसो ने जल्द पठानकोट आने की जताई इच्छा
पठानकोट: पठानकोट के उभरते युवा जननेता, समाजसेवी और शिक्षा सुधारक सृजल गुप्ता ने हाल ही में विश्व राजनीति के दिग्गज जोसे मैनुअल बारोसो (पूर्व राष्ट्रपति, यूरोपीय आयोग एवं पूर्व प्रधानमंत्री, पुर्तगाल) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस मुलाकात ने पठानकोट के विकास एजेंडा को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाकर खड़ा कर दिया है।
बैठक के मुख्य बिंदु: ‘लोकल’ को ‘ग्लोबल’ बनाने की तैयारी
मुलाकात के दौरान सृजल गुप्ता ने पठानकोट की सामरिक महत्ता और यहाँ की अनछुई संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बारोसो के समक्ष अपना रोडमैप साझा किया, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:
- वैश्विक शिक्षा एवं स्किलिंग: सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोज़र और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
- निवेश और स्टार्टअप: शहर में निवेश आकर्षित करने के लिए एक अनुकूल ‘स्टार्टअप इकोसिस्टम’ तैयार करना।
- पर्यटन विकास: पठानकोट के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को एक ‘हेरिटेज सर्किट’ के रूप में विकसित करना।
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: शहरी सुविधाओं को विश्व स्तरीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड करना।

जोसे मैनुअल बारोसो ने दी सराहना
सृजल गुप्ता के विज़न से प्रभावित होकर श्री बारोसो ने उनके जमीनी जुड़ाव और स्पष्ट सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय नेतृत्व वैश्विक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़े, तो पठानकोट जैसे शहर तेजी से प्रगति कर सकते हैं।
बड़ी घोषणा: श्री बारोसो ने निकट भविष्य में खुद पठानकोट आने की इच्छा व्यक्त की है, ताकि वे इस क्षेत्र की संभावनाओं को व्यक्तिगत रूप से देख सकें और शिक्षा व नीति के क्षेत्र में सहयोग के रास्ते तलाश सकें।

“राजनीति नहीं, विकास मेरा मूल उद्देश्य”
मुलाकात के बाद सृजल गुप्ता ने कहा, “मेरा लक्ष्य राजनीति मात्र नहीं, बल्कि पठानकोट को अवसरों से जोड़ना और युवाओं को सशक्त बनाना है। हम पठानकोट को उत्तर भारत का एक ऐसा केंद्र बनाना चाहते हैं जहाँ शिक्षा और निवेश के लिए दुनिया भर से लोग आएँ।”
पठानकोट के लिए ‘गेम-चेंजर’ साबित हो सकती है यह पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि सृजल गुप्ता की यह अंतरराष्ट्रीय पहल पठानकोट को राष्ट्रीय और वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगी। पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा नवाचार और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने उन्हें एक दूरदर्शी युवा नेता के रूप में पहचान दिलाई है।








