पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी; सरकार के खिलाफ जताया रोष

चंडीगढ़: पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल आज (सोमवार) को पांचवें दिन भी जारी रही। पंजाब रोडवेज, पनबस (Punbus) और पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (PRTC) के ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म होने के एक दिन बाद फिर से अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण
ठेका कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि हिरासत में लिए गए सभी यूनियन सदस्यों को तुरंत रिहा किया जाए और प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किए गए सभी मामलों (परचे) को रद्द किया जाए।
यूनियन के नेताओं ने कहा कि 2,000 से अधिक सरकारी बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। यूनियन सदस्य गुरप्रीत सिंह के अनुसार, पनबस और रोडवेज की लगभग 1,900 बसें और पीआरटीसी की लगभग 500 बसें सड़कों पर नहीं उतर पाईं, क्योंकि सरकार ने सभी हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को अभी तक रिहा नहीं किया है।

’किलोमीटर स्कीम’ भी विवाद का विषय
कर्मचारियों ने यह भी बताया कि सरकार ने यूनियन की एक और प्रमुख मांग पूरी नहीं की है, जो कि ‘किलोमीटर स्कीम’ के तहत बस टेंडरों को रद्द करना है। ये टेंडर 2 दिसंबर को खुलने वाले हैं। यूनियन लगातार इस किलोमीटर स्कीम का विरोध कर रही है।
मीटिंग के बाद फिर शुरू हुई हड़ताल
इससे पहले, बीते शनिवार को परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के साथ सात घंटे की लंबी बैठक के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई थी। बैठक के बाद मंत्री भुल्लर ने कहा था कि सरकार किलोमीटर स्कीम में कोई दखलअंदाजी नहीं करेगी।

लेकिन यूनियन का कहना है कि सरकार ने हिरासत और एफआईआर (FIR) के मामलों पर दिए गए अपने आश्वासनों को पूरा नहीं किया है, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में सोमवार को अपना विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू करना पड़ा।








