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तकनीकी खामी के कारण एयरबस A320 विमानों की सुरक्षा पर बड़ा संकट, दुनिया भर में 6,000 विमान ग्राउंडेड

ELAC कंप्यूटर में गंभीर दोष! भारत में इंडिगो और एयर इंडिया के सैकड़ों विमान प्रभावित, उड़ानें हो सकती हैं लेट

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित माने जाने वाले विमानों में से एक, एयरबस A320 परिवार पर एक बड़ा तकनीकी संकट मंडरा रहा है। एक गंभीर तकनीकी खामी के कारण दुनिया भर में हजारों A320 विमानों को तत्काल सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर अपग्रेड के लिए ग्राउंडेड किया जा रहा है, जिसका सीधा संबंध विमान की सुरक्षा से है।

​इस संकट की शुरुआत हाल ही में हुई एक खतरनाक घटना से हुई। कैनकन से न्यूयॉर्क जा रही एक निजी एयरलाइन की A320 उड़ान में विमान अचानक हजारों फीट की ऊंचाई पर नीचे की ओर झुक गया (पिट्च डाउन)। यह घटना तब हुई जब पायलट ने ऐसा कोई कमांड नहीं दिया था। केबिन में तेज झटके के कारण कई यात्री अपनी सीटों से उछल गए और कई लोग घायल हो गए। उड़ान को इमरजेंसी में टैम्पा डायवर्ट करना पड़ा।

​क्या है तकनीकी खामी?

​जांच में पाया गया कि यह खतरनाक समस्या ELAC (इलेक्ट्रॉनिक लाइफ़गार्ड एक्टीवेटर कंप्यूटर) फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर में आई। उड़ान के दौरान कंप्यूटर के स्विचिंग के समय खराबी आई, जिसके कारण इसने गलत पिच डेटा पढ़ा।

​एयरबस और EASA (यूरोपीय संघ उड्डयन सुरक्षा एजेंसी) की संयुक्त जांच में एक चौंकाने वाला कारण सामने आया है: ऊंचाई पर बढ़ी हुई सौर विकिरण (Solar Radiation) के कारण ELAC कंप्यूटर चिप में “बिट-फ्लिप” या डेटा भ्रष्टाचार हो गया। इसी वजह से कंप्यूटर ने गलत सिग्नल पढ़ा और ऑटोपायलट मोड में होने के बावजूद विमान नीचे झुकने लगा।

​EASA ने जारी किया आपातकालीन निर्देश

​इस गंभीर खतरे को देखते हुए, EASA ने 28 नवंबर को एक Emergency Airworthiness Directive (आपातकालीन उड़ान योग्यता निर्देश) जारी किया है। इसके तहत, पुराने ELAC कंप्यूटर (मॉडल B L104) को तुरंत हटाने और इसे एक नए, सुरक्षित मॉडल (B L103+) से बदलने का आदेश दिया गया है।

​निर्देश स्पष्ट है: पुराने सिस्टम वाले विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। केवल बेहद जरूरी होने पर ही सीमित ‘फेरी फ्लाइट’ की इजाजत होगी।

​भारत पर सबसे बड़ा असर

​इस अपग्रेड का सबसे बड़ा असर भारत पर पड़ा है, जो A320 विमानों का दुनिया का सबसे बड़ा संचालक है।

​इंडिगो (IndiGo): लगभग 200 विमान अपग्रेड और निरीक्षण के कारण ग्राउंड पर हैं या सीमित संचालन में हैं।

​एयर इंडिया (Air India): लगभग 100 से 125 विमान भी इस प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।

​यात्रियों के लिए चेतावनी: एयर इंडिया ने यात्रियों को आगाह किया है कि इस बड़े पैमाने के ग्राउंडिंग और अपग्रेड के कारण उड़ानों में देरी हो सकती है और समय-सारणी में व्यवधान आ सकता है।

​कितना समय लगेगा अपग्रेड में?

​वैश्विक स्तर पर, लगभग 6,000 विमान इस अपग्रेड प्रक्रिया से गुजरेंगे।

​नए A320neo मॉडल: इन्हें केवल 30-मिनट के सॉफ्टवेयर अपडेट की आवश्यकता होगी।

​पुराने मॉडल: इनमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों को बदलने में 2 से 3 दिन का समय लग सकता है।

​यह घटना दुनिया के सबसे उन्नत ‘फ्लाई-बाय-वायर’ विमानों में से एक, A320 के सबसे महत्वपूर्ण घटक, ELAC कंप्यूटर की कमजोरी को उजागर करती है। नियामक और एयरबस इस समस्या को जल्द से जल्द दूर करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।

Ami News
Author: Ami News

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