NCERT ने पाठ्यक्रम बदला, बाबर ‘आक्रमणकारी’ और औरंगजेब ‘मंदिर विध्वंसक’

नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन संशोधनों के तहत, मुगल शासकों के इतिहास को अब पहले की तरह ‘नरम’ या ‘गौरवशाली’ तरीके से नहीं, बल्कि “ऐतिहासिक वास्तविकता” के करीब लाने का दावा किया गया है। इन बदलावों के बाद, इतिहास को “अतिशयोक्ति, महिमा, या रचनात्मक वर्णन के सच्चाई से” पढ़ाया जाएगा।
📜 पाठ्यक्रम में प्रमुख संशोधन
बाबर और औरंगजेब का विवरण: नई पाठ्यपुस्तकें बाबर को “क्रूर आक्रमणकारी” के रूप में संदर्भित करती हैं, जबकि औरंगजेब को “मंदिर विध्वंसक” के रूप में चित्रित किया गया है।

शासन की समझ: यह बदलाव छात्रों को उनके शासन की स्पष्ट समझ देने के उद्देश्य से किया गया है, जिसमें अब तक अनदेखे “धार्मिक उत्पीड़न, सांस्कृतिक विनाश और सामाजिक उत्पीड़न” पर भी प्रकाश डाला जाएगा।
इतिहास का व्यापक दृष्टिकोण: संशोधित पाठ्यक्रम इस विचार को चुनौती देता है कि भारतीय इतिहास केवल राजाओं और लड़ाइयों की समयरेखा है। यह अब “सांस्कृतिक संघर्षों, धार्मिक संघर्षों और भारतीय समाज की स्थायी शक्ति” के आकार को भी शामिल करेगा।
🗣️ विशेषज्ञ और नागरिकों की प्रतिक्रिया
कई विशेषज्ञ और नागरिक इस बदलाव को एक “साहसी और आवश्यक कदम” मानते हैं। उनका मानना है कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही मांग को दर्शाता है कि युवा पीढ़ी को तथ्यों पर आधारित इतिहास का अध्ययन करना चाहिए, न कि किसी “अतीत के फिल्टर” के माध्यम से। यह सुधार “भारत की सभ्यता, पहचान, और विरासत को नए आत्मविश्वास और प्रामाणिकता” के साथ प्रस्तुत करने का एक अवसर भी है।

🎯 निष्कर्ष
यह पाठ्यक्रम अपडेट एक महत्वपूर्ण वैचारिक मोड़ है जो इतिहास लेखन और शिक्षण में एक नए युग की शुरुआत कर सकता है। यह कदम दशकों से चली आ रही उस बहस को समाप्त करने की दिशा में एक प्रयास है, जिसमें इतिहास के तथ्यों को लेकर कई सवाल उठाए जाते रहे हैं।








