चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: दीवार गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत, राज्य में जान गंवाने वालों की संख्या 6 हुई; नए कम दबाव के क्षेत्र से फिर अलर्ट
आंध्र प्रदेश में अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण हुई विभिन्न घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। हालिया दर्दनाक हादसा तेनाली मंडल में सामने आया, जहां बुधवार रात करीब नौ बजे अचानक दीवार गिरने से एक 11 वर्षीय मासूम लड़के की मौत हो गई। हालांकि, आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार राज्यभर में अब मौसम की स्थिति में सुधार हो रहा है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण का काम तेजी से जारी है। अब तक अवरुद्ध सड़कों और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों में से लगभग 90 प्रतिशत को बहाल कर लिया गया है तथा शेष कार्य को पूरा करने के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों का व्यापक हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित राजधानी अमरावती से हेलीकॉप्टर द्वारा कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और डॉ. बी आर आंबेडकर कोनसीमा जिलों का दौरा किया तथा बाढ़ और हवा से तबाह हुए बड़े भूभागों व कृषि खेतों की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने कोनसीमा जिले के कट्रेनिकोना मंडल स्थित चेयेरू गांव तक जाकर जमीनी हालात की समीक्षा की और अधिकारियों को प्रभावितों की त्वरित सहायता के निर्देश दिए।
दूसरी ओर, राज्य पर एक और प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्र में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। बृहस्पतिवार सुबह बना यह सिस्टम आगे चलकर और गहरा होकर अवदाब (डिप्रेशन) में बदल सकता है, जिसके नवंबर के पहले सप्ताह में आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद तटीय इलाकों में फिर से सतर्कता बढ़ा दी गई है।
इसी बीच, चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण समुद्र में उठे चक्रवाती तूफान और खराब मौसम के दौरान भारतीय तटरक्षक बल ने एक साहसिक बचाव अभियान को अंजाम दिया। तटरक्षक बल ने बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश तट के पास फंसे मार्शल द्वीपसमूह के ध्वज वाले मालवाहक जहाज ‘सिग्मा पर्ल’ के चालक दल के 13 सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। डॉ. बी आर आंबेडकर कोनसीमा जिले के समुद्र तटीय गांव अंतरवेदी के पास तटरक्षक बल द्वारा यह बचाव अभियान चलाया गया।











