चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त पर कार्रवाई की मांग, किसानों ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
पठानकोट में किसानों ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक मांगपत्र सौंपा है। इस ज्ञापन में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को तुरंत रद्द करने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। मांगपत्र में किसानों ने आरोप लगाया है कि SIR प्रक्रिया के नाम पर देश भर में बड़ी संख्या में नागरिकों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। किसानों ने प्रभावित 13.41 करोड़ नागरिकों के वोटिंग अधिकार तुरंत बहाल करने और पूरी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग उठाई है।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और चुनावी सुधारों पर जोर
किसानों ने वर्ष 2023 के चुनाव आयुक्त नियुक्ति कानून में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि चयन समिति में प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री की जगह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने चुनाव प्रणाली में आनुपातिक प्रतिनिधित्व लागू करने, चुनावों में धनबल व बाहुबल के प्रभाव को समाप्त करने तथा सरकारी चुनावी फंडिंग को कानूनी मान्यता देने की सिफारिश की।
पुलिस कार्रवाई और अवैध नजरबंदी की निंदा
प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, युवाओं, महिलाओं और पत्रकारों के खिलाफ हुई कथित पुलिस बर्बरता की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से नजरबंद कर प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है, जो नागरिकों के मौलिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
ज्ञापन के अंत में किसानों ने राष्ट्रपति से अपील की कि वह SIR प्रक्रिया, चुनावी सुधारों, नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लें और संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दें।











