वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

कैलाशपुर में 31 वर्षों से अनूठी परंपरा जारी: दशहरे के एक दिन बाद हुआ रावण दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया गया संदेश

कैलाशपुर में 31 वर्षों से अनूठी परंपरा जारी: दशहरे के एक दिन बाद हुआ रावण दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया गया संदेश

 

​पठानकोट के सुजानपुर के गांव कैलाशपुर में दशहरे के एक दिन बाद रावण दहन करने की परंपरा पिछले 31 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है।

इस अनोखी परंपरा की सबसे खास वजह यह है कि पूरे राज्य में जहां दशहरे के दिन रावण के पुतले जलाए जाते हैं, वहीं कैलाशपुर गांव के स्थानीय कारीगर ही इन पुतलों को तैयार करते हैं।

​दशहरे वाले दिन कारीगर दूसरे शहरों में पुतले पहुंचाने और अपने अन्य कामों में व्यस्त रहते हैं, जिसके कारण इस गांव में एक दिन बाद रावण दहन किया जाता है। इस मौके पर गांव के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

​इस शानदार आयोजन में नगर काउंसलर प्रधान नीतू मनहास, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र मनहास और विशेष अतिथि के रूप में हल्का इंचार्ज स्वर्ण सिंह सलारिया भी मौजूद रहे। इस दौरान रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया और गांव की 31 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया गया।

Ami News
Author: Ami News

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!