पठानकोट में आस्था का अपमान: नहर किनारे लावारिस फेंकी गई देवी-देवताओं की मूर्तियां और फ्रेम
पठानकोट के अब्रौल नगर में स्थित नए पुल के पास नहर किनारे नवरात्रि के दौरान स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों और फ्रेम को विसर्जन के नाम पर वहीं लावारिस छोड़ दिए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों और स्वच्छ सिटी मिशन की टीम ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई है कि पूजा-अर्चना के बाद देवी-देवताओं की तस्वीरों और फ्रेमों को इस तरह से खुले में नहर के किनारे कचरे और प्लास्टिक के साथ फेंकना धार्मिक आस्था के विपरीत और बेहद अपमानजनक है।
स्वच्छ सिटी मिशन के सदस्यों ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने इस क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर लोगों को नहर में पॉलीथीन, चुनरियां और मूर्तियां न डालने के लिए जागरूक किया था, लेकिन इसके बावजूद लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
स्थिति यह है कि कई फ्रेम ऐसे हैं जिन पर अभी नए कवर और अखबार तक नहीं उतरे हैं और उन्हें बिना पूजा या खंडित हुए ही पानी के पास फेंक दिया गया है। प्रशासन और शहरवासियों से यह अपील की जा रही है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के बाद धार्मिक सामग्री को इस प्रकार खुले में न फेंका जाए और अपनी आस्था को सही दिशा दी जाए।











