पठानकोट-डमताल हाईवे पर अवैध प्लॉटिंग का सच और प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
राष्ट्रीय राजमार्ग 154 पर डमटाल स्थित रामगोपाल मंदिर रोड के पास चल रही अवैध प्लॉटिंग का मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है. कुछ समय पहले AMI News ने अपनी रिपोर्ट के जरिए दिखाया था कि किस तरह पहाड़ों को काटकर, जगमगाती लाइटें लगाकर और चमचमाते दफ्तर बनाकर धड़ल्ले से अवैध प्लॉट बेचे जा रहे हैं.
ग्राहक बनकर जब पहुंचे हकीकत जानने
जब हमारी टीम इस मामले की तह तक जाने के लिए आम ग्राहक बनकर मौके पर पहुंची, तो वहां बैठे लोगों द्वारा बड़े दावे किए गए. उन्होंने बिना किसी डर के कहा कि यहां की फाइलें लग चुकी हैं और जल्द ही सब कुछ अप्रूव हो जाएगा. इतना ही नहीं, रजिस्ट्री से लेकर बैंक लोन और अन्य बुनियादी सुविधाएं तक आसानी से मिलने का दावा किया गया. वहां मौजूद लोगों का कहना था कि प्लॉट चाहे रिसेल में लेना हो या नया, हर तरह की सुविधा और पक्का भरोसा दिया जा रहा है.
नियमों को ताक पर रखकर पहाड़ों की कटाई
रेरा (RERA) और टाउन प्लानिंग के नियमों के मुताबिक, किसी भी कॉलोनी को विकसित करने से पहले विभाग से नक्शा पास करवाना अनिवार्य होता है. नक्शा पास होने और तमाम एनओसी (NOC) मिलने के बाद ही जमीन पर रास्ते, बिजली और अन्य विकास कार्य किए जा सकते हैं. लेकिन इस मामले में बिल्कुल उलट खेल चल रहा था. रेरा और टाउन प्लानिंग की कागजी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पहाड़ों को काटकर अवैध रूप से रास्ते बना दिए गए और प्लॉटिंग शुरू कर दी गई.
प्रशासन की एंट्री और खुला बड़ा सच
जब इस अवैध खेल की खबरें सामने आईं और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं, तो सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि विभाग के पास अभी तक इस प्रोजेक्ट की कोई भी फाइल रेरा या टाउन प्लानिंग की अप्रूवल के लिए पहुंची ही नहीं थी. यानी बिना किसी कानूनी मंजूरी और कागजी कार्रवाई के ही धड़ल्ले से जमीनों की खरीद-फरोख्त का खेल चल रहा था.
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश, रजिस्ट्री पर लगाई रोक
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की टीमों ने तुरंत कड़ा कदम उठाया. मौके पर चल रहे सभी कार्यों और रजिस्ट्रियों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है. तहसीलदार इंदौरा को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित की जाए और आगे कोई भी अवैध निर्माण कार्य न होने पाए.
पहाड़ों को काटने पर माइनिंग विभाग से ली जाएगी रिपोर्ट
प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि पहाड़ों को काटकर कितनी बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनी बसाई गई है. इस संबंध में माइनिंग विभाग से पूरी रिपोर्ट मांगी जा रही है ताकि यह पता चल सके कि नियमों के खिलाफ जाकर कितने हिस्से में पहाड़ों को नुकसान पहुंचाया गया है.
AMI News की आम जनता से अपील
AMI News लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है. प्रशासन की अगली कार्रवाई और माइनिंग विभाग की रिपोर्ट से जुड़ी हर अपडेट हम जल्द आपके सामने लेकर आएंगे. तब तक हमारी आम जनता से यही अपील है कि रेरा या टाउन प्लानिंग की वैध अप्रूवल आए बिना किसी भी प्लॉट या जमीन में अपनी गाढ़ी कमाई का निवेश करने से बचें, ताकि आपको किसी भी आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े.












